कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे?

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे?

नया कंप्यूटर खरीदा है और कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे? इस सोच में पड़े है तो हमारा ये आर्टिकल आपके लिए ही है, इस आर्टिकल में हमने पीसी की खरीद (PURCHASE OF PC) से लेके कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे? को विस्तार से समझाया है जिससे आपको कंप्यूटर के इंस्टालेशन में कोई दिक्कत नहीं आने वाली।
पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer) या पीसी (PC)  दूसरे कंप्यूटर्स की तरह  कंप्यूटर है।  इसलिए किसी कंप्यूटर में किये जा सकने वाला कोई भी काम पीसी पर भी उतनी अच्छी तरह से किया जा सकता है , चाहे वह कार्य कितना भी मुश्किल ही क्यों न हो। पीसी हमारे बहुत बड़े सहायक के रूप में हमारे सामने आता है जिसके जरिए हम आपने कार्यों को बड़ी ही सहजता से साथ कर सकते है। जब हम अपने डाटा भण्डार को संभालने में असफल रहते है और उससे उपयोगी सूचना निकालने में पेरशान हो जाते है , तो ऐसी हालत में पीसी हमारी बहुत मदद  है। अगर  PC के बारे में और जानना चाहते है तो आप हमारे पर्सनल कंप्यूटर क्या है? (PC क्या है ? ) और पीसी के मुख्य भाग को पढ़ सकते है।

पीसी की खरीद (Purchase of PC) :

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे?

पीसी की शक्तियों को जान लेने के बाद आपमें यह इच्छा पैदा हुई होगी कि आपको भी एक पीसी ले लेना चाहिए , यह भी हो सकता है कि आपके पास पहले से ही एक पीसी हो और आप उसे बदलने या उसका विस्तार (Enhancement) करने की सोच रहे हो , जो भी बात हो , अगर आपको ऐसा लगता है की आपको पीसी खरीदने से लाभ होगा और वह लाभ पीसी की कीमत से कही ज्यादा होगा , तो आपको पीसी जरूर खरीद लेना चाहिए।  लेकिन कंप्यूटर खरीदने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातो पर विचार करना जरुरी है , जो मुख्य रूप से निम्नलिखित है –

पीसी पर किए जाने वाले कार्य (What you will do on PC):

पीसी पर किए जाने वाले कार्य

सबसे पहले यह तय कर ले कि आपको अपने किन किन कार्यों  कम्प्युटरीकरण करना है। यदि आप व्यवसायी है या किसी छोटी-मोटी कम्पनी के मालिक है ,तो मुख्य रूप से वेतन की गणना , हिसाब- किताब (Book Keeping), स्टॉक इन्वेंट्री (Stock Inventory), बिक्री का हिसाब (Sales Accounting), पत्र व्यवहार आदि का कम्प्युटरीकरण तो करेंगे ही , इनके अलावा अपनी जरुरत के अनुसार पढ़ाई- लिखाई , ग्राफ़िक्स , प्रोडक्शन प्लानिंग तथा कंट्रोल , डाटा बेस मैनेजमेंट आदि भी कंप्यूटर द्वारा किए जा सकते है। जो भी हो , कंप्यूटर खरीदने से पहले आपको यह तय कर लेना चाहिए कि अभी और बाद में आप अपने किस- किस काम का कम्प्युटरीकरण करेंगे।  डाटा भण्ड़ारण कितना होगा  , कितनी रिपोर्ट निकलेगी आदि।  उसी के अनुसार हार्ड वेयर व सॉफ्टवेयर खरीदने का निर्णय लेना चाहिए , सामान्यत : नवीनतम श्रेणी और अधिकतम गति का पर्सनल कंप्यूटर (अर्थात पेन्टियम) ही खरीदना चाहिए , पुराने पीसी को खरीदना उचित नहीं है , क्योंकि वे जल्दी ही खराब हो जाते है और उन पर सभी प्रकार के प्रोग्राम भी नहीं चलाए जा सकते है।

सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन (System Configuration):

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे?

अपनी ज़रूरतों के हिसाब से आप यह तय कर सकते है कि आपको पीसी में क्या – क्या उपकरण (Device) या साधन होंगे और वे किस तरह के होंगे , आपको यह तय करना होगा की पीसी में फ्लॉप ड्राइव (Floppy Drive) के साथ सीडी -रॉम ड्राइव (CD- ROM Drive ) होगी या सीडी – राइटर (CD – Writer) होगा। हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard Disk Drive) की क्षमता क्या होगी , मैमोरी का आकार क्या होगा , प्रिंटर 80 कॉलम (Column) वाला चाहिए या लेसर अथवा इंकजेट प्रिंटर की जरुरत है , वी.डी.यू. एक रंग की या बहुरंगी चाहिए , ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर कौन  सा चाहिए और कौन – कौन से अन्य सॉफ्टवेयर पैकेजों की जरुरत होगी आदि।  इसके साथ साथ इस बात पर भी विचार कर लेना चाहिए कि आगे इस पीसी का विस्तार किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता है। 

यूपीएस (UPS) :

यूपीएस (UPS :Uninterrupted Power Supply) एक ऐसा उपकरण होता है , जिससे बिजली की लगातार आपूर्ति की जाती है।  इसमें एक बैटरी भी होती है ,जो  बिजली चले जाने पर कुछ समय तक कंप्यूटर को बिजली देती है , ताकि उतने समय में आप कंप्यूटर पर चल रहे प्रोग्रामों को समाप्त कर सकें और कंप्यूटर को सही विधि से बंद कर सकें। अचानक बिजली चले जाने पर यदि कंप्यूटर अचानक बंद  हो जाता है , तो उसमें रखे हुए डाटा और प्रोग्रामों के खराब होने की संभावना रहती है।  इसलिए आजकल प्राय: प्रत्येक कंप्यूटर के साथ यूपीएस अवश्य लगाया जाता है। यूपीएस को बिजली की मुख्य लाइन के साथ इस प्रकार से जोड़ा जाता है कि कंप्यूटर को बिजली की आपूर्ति यूपीएस के द्वारा ही हो , ऐसी स्थिति में उसके साथ लगी हुई बैटरी अपने आप चार्ज होती रहती है।  जैसे ही बिजली चली जाती है , तो यूपीएस तत्काल ही अपनी बैटरी से बिजली लेना प्रारम्भ कर देता है और कंप्यूटर लगातार चलता रहता है।  जब यूपीएस  की बैटरी में विद्दुत की मात्रा कम रह जाती है , तो यूपीएस उचित संकेत या ध्वनि करके उपयोगकर्ता को उसकी सूचना दे देता है , ताकि यह कंप्यूटर तत्काल बंद  कर सके। 

कंप्यूटर का मूल्यांकन (Cost Evaluation) :

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे?

सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन तय कर  लेने के बाद आप उसके अनुसार अलग- अलग कम्पनियो के पीसी की कीमत की तुलना करेंगे।  कीमत के साथ निम्नलिखित बातों पर भी ध्यान देना होगा। 

  1. सभी साधनों सहित पीसी का मूल्य। 
  2. भाड़ा , बीमा , पैकिंग  खर्च व बिक्री कर आदि। 
  3. साइट की तैयारी जैसे यूपीएस के लिए बिजली के केबिल की फिटिंग , आवश्यक फर्नीचर आदि। 
  4. वारंटी की अवधि ,मरम्मत की स्थानीय सुविधा। 
  5. देखभल का वार्षिक खर्च। 
  6. सॉफ्टवेयर  की कीमत , लाइसेंस (यदि जरूरी हो) आदि। 
  7. सिस्टम के मैनुअल मिलेंगे या नहीं। 

सभी कम्पनियो की मशीनों को इन बातों व कीमत के आधार पर तुलना करने के बाद ही अपने बजट व सुविधा के अनुसार पीसी खरीदना उचित रहेगा। यदि उपयोगकर्ता को अनुभव न होने की वजह से इन बातों पर विचार करने में कठिनाई होती है , तो अच्छा यही होगा कि खरीदने से पहले कुछ कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं से मिल कर विचार करें या किसी विशेषज्ञ की राय ले लें। यह आवश्यक नहीं है कि पीसी किसी बड़ी कम्पनी का ही हो।  कई लोग असेमिबल  किये हुए कंप्यूटर का भी उपयोग करते है।  ये थोड़े सस्ते होते है , लेकिन किसी अनुभवी और अच्छे जानकार व्यक्ति से ही ऐसे कंप्यूटर बनवाने  चाहिए तथा  उसके सभी भाग अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदवाने चाहिए, जिनके साथ आवश्यक  वारंटी भी हो। 

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे (Installation) :

कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे

पीसी की स्थापना के लिए चुनी हुई जगह पर धूल व  अधिकतापमान आदि से बचाने का जरुरी इंतजाम होना चाहिए, स्थापना के समय मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों को ध्यान रखा जाना चाहिए। 

  1. सभी मशीने ठीक हालत में मिली है या नहीं।  यदि किसी भी चीज़ में थोड़ी भी टूट – फूट हो तो उसे तुरंत बदलने की मांग करनी चाहिए। 
  2. सभी मशीनों के साथ उनको सिस्टम यूनिट से जोड़ने वाले केबिल आई है या नहीं। 
  3. खरीदे गए सभी साधन और उनके मैनुअल आ गए है कि नहीं। 
  4. खरीदे गए सिस्टम सॉफ्टवेयर तथा सॉफ्टवेयर पैकेजों की सीडी (CD) मिली है कि नहीं और साथ सभी जरूरी मैनुअल है। 
  5.  स्थापना मैनुअल (Installation Manual) अवश्य ले लेना चाहिए। 
  6. पैकिंग मैटीरियल , डिब्बों आदि  उपयोग के किये सुरक्षित रखें चाहिए। कंप्यूटर  को स्थानांतरित करने में ये बहुत सहायक होते है। 

यदि आप इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पीसी खरीदेंगे और लगायेंगे, तो उस पर कार्य करना आपके लिए संतोषजनक और आनंददायक  होगा।  

Conclusion ( निष्कर्ष ) : 

हमने हमारे इस कंप्यूटर की स्थापना कैसे करे? आर्टिकल के जरिये आपको कंप्यूटर की स्थापना के और उससे जुड़े सभी चीजों को डिटेल में समझाने की कोशिस की है । हमारे आर्टिकल का मुख्य लक्ष्य ही यही होता है की आपको सम्पूर्ण जानकारी देना। अगर आपके मन में हमारे इस आर्टिकल से जुड़ा कोई भी प्रश्न या सुझाव है तो हमे कमेंट के जरिये आप जरूर बताये।
Source: BesttoptenWikipedia
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