फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके पार्ट्स ?

क्या आप फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके पार्ट्स कौन कौन से है ? आज के इस आर्टिकल में हम फ्लॉपी डिस्क को विस्तार से जानेंगे। कुछ समय पहले तक जबतक cd rom ड्राइव ने इसे पूरी तरह से रिप्लेस नहीं किया ज्यादातर छोटे कंप्यूटर में डाटा को सुरक्षित रखने के लिए मिनी डिस्को का या फ्लोपीयो का इस्तेमाल किया जाता था। यह डाटा को लाने ले जाने तथा रोज़ाना के काम के लिए एक सस्ता और सरल साधन था।  यह मुख्यत: 2 आकारों में मिलती है साढ़े 5 इंच तथा साढ़े 3 इंच। 

यह ग्रमोफोन के छोटे रिकॉर्ड की तरह प्लास्टिक की एक circular प्लेट होती है, जो मोटे कागज की चोकोर सुरक्षा जैकेट में रखी रहती है।  इसके बीच में एक गोल कटाव होता है तथा जैकेट पर एक ओर ओवल(Oval) के आकर का कटाव होता है , जिसमे से होकर फ्लॉपी पर कोई सुचना या डाटा लिखा या पढ़ा जाता है।  सुरक्षा जैकेट के एक कोने पर एक छोटा सा आयताकार कटाव होता है।  जिसे लिखने की सुरक्षा का कटाव कहा जाता है। यदि यह कटाव खुला होता है तो फ्लॉपी पर कुछ भी लिखा जा सकता है और पहले से लिखे गए डाटा में परिवर्तन किया जा सकता है। परन्तु यदि यह कटाव किसी अपारदर्शी टेप या कागज से बंद कर दिया जाए , तो संग्रहित डाटा को न तो मिटाया जा सकता है और न ही परिवर्तित किया जा सकता है।  साथ ही उस पर नया डाटा भी नहीं लिखा जा सकता है। 

फ्लॉपी पर पढ़ने लिखने का कार्य करने के लिए एक फ्लॉपी डिस्क ड्राइव की जरुरत होती है। C ड्राइव में फ्लॉपी को उसी तरह लगा दिया जाता है जैसे कैसेट प्लेयर में कैसेट लगाए जाते है।  फ्लॉपी लगाकर उसको बंद कर दिया जाता है।  फ्लॉपी ड्राइव में पढ़ने लिखने का काम करने के लिए एक Read Write Head होता है।  जो सुरक्षा जैकेट में oval के आकर के बने कटाव में से फ्लॉपी पर कुछ लिख या पढ़ सकते है। इस फ्लॉपी की स्टोरेज क्षमता अलग अलग होती है। क्योंकि आज कई सारे नए फ्लॉपी डिस्क ड्राइव उपलब्ध है। समय के साथ साथ फ्लॉपी डिस्क में काफी बदलाव आया है। हम इसके बारे में विस्तार में निम्नलिखित अनुसार से जानेंगे

फ्लॉपी डिस्क क्या है? :

फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके पार्ट्स ?
फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके पार्ट्स ?

फ्लॉपी डिस्क को हम फ्लॉपी , डिस्केट और केवल डिस्क के नाम से भी जानते है।  ये एक तरह का डिस्क स्टोरेज है , जिसे पतले और लचीले मैग्नेटिक स्टोरेज माध्यम की डिस्क से बनाया जाता है , जो फैब्रिक के आयताकार प्लास्टिक एनक्लोजर लाइन में सील होता है जो धूल के कणों को हटाने का काम करता है।  फ्लॉपी डिस्क को एक फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (FDD) द्वारा रीड और राइट किया जाता है। 

फ्लॉपी डिस्क का इतिहास :

फ्लॉपी डिस्क का अविष्कार Alan Shugart द्वारा 1967 में किया गया। यह 8 इंच का पहला फ्लॉपी डिस्क था।  1970 के शुरुआती दौर में इसका इस्तेमाल होने लगा। उस समय इसका इस्तेमाल कंप्यूटर में केवल read only format के लिए किया गया, परन्तु बाद में फ्लॉपी डिस्क को read write format के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा। पहली फ्लॉपी डिस्क ड्राइव एक फ्लेक्सिबल और पतली चुम्बकीय डिस्क से निर्मित की गई थी। फ्लॉपी डिस्क आमतौर पर तीन साइज में उपलब्ध होती है :-पहला 8 इंच , दूसरा 5.25 इंच तथा 3.5 इंच version में अधिक cutting edge टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है।  इसमें पहले के versions के मुकाबले अधिक डाटा स्टोर किया जा सकता है।

फ्लॉपी डिस्क ड्राइव के मुख्य पार्ट्स(Main Parts of Floppy disk drive) :

फ्लॉपी डिस्क ड्राइव के मुख्य पार्ट्स
फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके पार्ट्स ?

फ्लॉपी डिस्क ड्राइव के भाग निम्नलिखित प्रकार से है :-

Read/Write Heads :

ये लोकेटेड होते है एक diskette के दोनों ही हिस्सों में , ये एक साथ ही मूव करते है। फ्लॉपी डिस्क में चुंबकीय read /write heads होते है , जिस वजह से यह दोनों जगह को read करने के सक्षम होता है।  साथ ही same head disk को read और write करने का भी कार्य करता है। जबकि फ्लॉपी डिस्क में मौजूद दूसरे वाइडर हेड का उपयोग ट्रैक को डिलीट करने के लिए किया जाता है। फ्लॉपी डिस्क ड्राइव में मौजूद यह हेड्स एक दूसरे से अलग नहीं होते है। 

Drive Motor :   

फ्लॉपी डिस्क के diskette एक छोटी सी spindle मोटर लगी होती है।  यह मोटर 300 या  360rpm(Rotations Per Minute) स्पीड से हर मिनट घूमती रहती है।  यह फ्लॉपी डिस्क के सबसे महत्वपूर्ण पार्ट्स में से एक है। 

Stepper Motor :

ये मोटर एक precise नंबर की stepped revolutions का आकलन करता है।  जिससे read/write head assembly ,proper track position में मूव कर सकता है।  ये  read/write head assembly को stepper motor shaft के साथ बांधा जाता है। 

Mechanical Frame :

यह एक ऐसा सिस्टम होता है , जो की लेवेर्स को ओपन करता है।  little protective window को diskette में  allow करता है। Read/write heads को dual sided diskette media से touch करने में। diskette को होने के लिए external button allow करता है।  ऐसे point में जहाँ की spring loaded protective window ,diskette में बंद होता है। 

Circuit Board :

फ्लॉपी डिस्क में मौजूद circuit board वह भाग होता है , जहा फ्लॉपी डिस्क के सभी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स होते है।  जो डाटा को read/ write करने के लिए हैंडल करते है यह circuit board फ्लॉपी डिस्क मोटर को भी हैंडल करने का भी कार्य करती है। जिसका काम रीड राइट हेड्स को मूव करना होता है साथ ही diskette सरफेस में रीड राइट हेड्स की जो मूवमेंट होती है उसे भी circuit board कंट्रोल करने का काम करता है।

फ्लॉपी डिस्क ड्राइव के विभिन्न विभिन्न भाग :

  • Square Plastic Jacket (चोकोर प्लास्टिक जैकेट) : यह फ्लॉपी को बाहर के नुकसान से बचाता है। 
  • HubRing (हब रिंग) : फ्लॉपी डिस्क के बिच का छिद्र जो डिस्क के अंदर जाने पर metal का स्पिंडल रिंग पकड़े रखता है। 
  • Read/write window (रीड/राइट  विंडो) : रीड/राइट  विंडो  सहायता से ही फ्लॉपी में पढ़ने और और लिखने का कार्य किया जाता है। 
  • IndexHole (इंडेक्स होल) : इंडेक्स होल वह छोटा होल है जो सेक्टर की संख्या रखता है।  सॉफ्ट सेक्टर डिस्क में केवल एक इंडेक्स होल होता है, लेकिन हार्ड सेक्टर में हरेक सेक्टर के लिए अलग होल होता है। 
  • Write Protect Notch (राइट प्रोटेक्ट नौच) : राइट प्रोटेक्ट नौच होने से अगर टैब बंद हो तो भी स्टोर की गई जानकारी सुरक्षित ही रहती है। कोई भी इसे हटा या बदल नहीं सकता है। 
  • Stress Relief Notch (स्ट्रेस रिलीफ नौच) : जब ड्राइव में डिस्क इन्सर्ट की जाती है तो वे फ्लॉपी तथा डिस्क ड्राइव प्लान के एलाइनमेंट हेतु अपने उपयुक्त भाग में फिक्स हो जाते है तथा एलाइनमेंट से संबंधित दिक्कतों को कम कर सकते है।

फ्लॉपी डिस्क के प्रकार (Types of Floppy Disk) :

फ्लॉपी डिस्क के प्रकार निम्न लिखित अनुसार है :

  • 8 इंच की फ्लॉपी : पहली फ्लॉपी डिस्क आईबीम के द्वारा 1960 में डिजाइन की गयी थी। जो 8 इंच की थी, 1970 में पहले Read only format की तरह तथा रीड / राइट फॉर्मेट की तरह उपयोग की गई थी।  आजकल के डेस्कटॉप /लैपटॉप , कंप्यूटर में 8 इंच फ्लॉपी डिस्क का उपयोग नहीं होता है जिससे ये आजकल आपको देखने को नहीं मिलता है। इसकी शुरुआती क्षमता 100K Bytes थी। 
  • 5.25 इंच की  फ्लॉपी : 5.25 इंच फ्लॉपी डिस्क एक पोर्टेबल स्टोरेज मीडिया था।  1980-90 के दौरान के इस डिस्क का इस्तेमाल पीसी पर किया जाता है। 5.25 इंच फ्लॉपी डिस्क ड्राइव  360kb से 1.2mb के डेटा को स्टोर करने के लिए सक्षम था।  5.25 इंच की कुछ फ्लॉपी डिस्क ड्राइव को मोडिफाई किया जा सकता था तथा इसका इस्तेमाल डिस्क के दोनों भागों में डाटा को राइट करने के लिए किया जाता है।    
  • 3.5 इंच की फ्लॉपी : 3.5 इंच की डिस्क को लोकल डिस्क को आधुनिक फ्लॉपी भी कहा जाता है। इस फ्लॉपी डिस्क ड्राइव का आकार  बहुत छोटा होता है। इसका आकर अन्य फ्लॉपी ड्राइव्स की तुलना में काफी कम होता है। इसके छोटे आकार होने के बावजूद , micro-floppies की बहुत ज्यादा स्टोरेज क्षमता होती है। यह फ्लॉपी डिस्क ड्राइव डबल डेंसिटी डिस्क में 730 किलोबाइट (kb) स्टोर कर सकती है जबकि हाई डेंसिटी डिस्क पर 1.44 मेगाबाइट (mb) स्टोर करने में सक्षम होती है।  

पुराने कंप्यूटर में प्रोग्राम्स को लोड करने का यही तरीका  था, जैसे कि विंडोज 3.0 में किसी प्रोग्राम को इनस्टॉल करने के लिए मल्टीपल डिस्क का प्रयोग किया जाता था ।

फ्लॉपी डिस्क की क्षमता :

  •  File transfer :  3.5 इंच की फ्लॉपी ड्राइव एक प्रकार से यूनिवर्सल स्टैंडर्ड्स थे।  फाइल ट्रांसफर के लिए compression utilities होने के कारण फाइल्स को कंप्रेस होने में मदद मिलती है।   3.5 इंच की फ्लॉपी डिस्क ड्राइव standardized हुआ करते थे , इसीलिए डाटा को आसानी ट्रांसफर किया  जा सका। इस तरह बदलते समय के साथ साथ फाइल ट्रांसफर करने के सिस्टम में भी बदलाव आया। 

Data Storage : फ्लॉपी डिस्क ड्राइव  प्रयोग डाटा स्टोरेज हिसाब से   इम्पोर्टेन्ट जानकारी को back up करने के लिए होता है।  यही सबसे उत्तम तरीका था डाटा को retain करने का क्युकी इस मध्यम को बहुत ही उत्तम मान्य गया था।  इसका मुख्य कारण इसकी स्टोरेज क्षमता थी , जो कि 1.44 mb (मेगाबाइट) थी।

Conclusion :

हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह आर्टिकल फ्लॉपी डिस्क क्या है ? और इसके प्रकार ? जरूर पसंद आया होगा। हमारी हमेशा यही कोशिश होती है की आपको हर विषय पर सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करवाए। हमारे इस आर्टिकल के जरिये आपको फ्लॉपी डिस्क संबंधित पूर्ण जानकारी मिल गई होगी । लेकिन फ्लॉपी डिस्क को लेकर अगर आपके मन में कोई प्रश्न हो तो आप हमे कमैंट्स के जरिये बता सकते है हम आपके हर प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश करेंगे ।
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source: विकिपीडिया
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