MS-EXCEL पर काम कैसे करे?

MS-Excel पर काम कैसे करे?

क्या आप MS-EXCEL पर काम कैसे करे? को विस्तार से जानना चाहते है तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े आज के इस आर्टिकल में हम MS-EXCEL से जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से जानेंगे। MS-Excel पर कार्य करना बहुत ही सुविधाजनक है। जिन लोगों के लिए स्प्रेडशीट बिलकुल नई चीज़ है, वे भी इसको बड़ी सरलता से सीख सकते है और कार्य भी कर सकते है। अगर आप MS-EXCEL के बेसिक से अनजान है तो हमारा MS-EXCEL क्या है? को एक बार जरूर पढ़े। तो आइये विस्तार और जल्दी से जानते है MS-EXCEL पर काम कैसे करे।

MS-Excel पर कार्य प्रारम्भ करना :

अधिकांश लोगों के लिए एमएस-एक्सेल का वास्तविक महत्त्व उसको उपयोग करने की सरलता में है। एमएस-वर्ड की तरह एमएस-एक्सेल को भी आप या तो एमएस-ऑफिस ले इन्सर्ट मेन्यू के विकल्प को क्लिक करके या डेस्कटॉप अथवा विंडोज एक्स्प्लोरर (Windows Explorer) में उसके प्रतीक (Icon) को डबल क्लिक करके प्रारम्भ कर सकते है। ऐसा करते ही आपकी स्क्रीन पर एमएस-एक्सेल की मुख्य विंडो खुल जाएगी, जिसमें बिना नाम के खाली शीट दिखाई देंगी। 
एक्सेल फाइल के आइकॉन को डबल क्लिक करके भी एक्सेल को प्रारम्भ कर सकते है। ऐसा करने पर खाली वर्कशीट के बजाय वही फ़ाइल खुल जाएगी। उसमे नयी खाली वर्कशीट खोलने के लिए File मेन्यू में New का आदेश देना पड़ेगा। 

MS-EXCEL-पर-काम-कैसे-करे

एमएस-एक्सेल भी माइक्रोसॉफ्ट के अन्य विंडोज पर आधारित प्रोग्रामों की परम्पराओं का पालन करता है। इसके लगभग सभी मेन्यू, टूलबार तथा उनके बटन एमएस-वर्ड से बहुत मिलते जुलते है। इसमें कुछ नई चीजें भी है, जैसे फार्मूला बार (Formula Bar) तथा नाम बॉक्स (Name Box). एक्सेल की विंडो में प्राय: एक-दो टूल बार दिखायी पड़ते है, शेष को आप View मेन्यू के Toolbars आदेश के द्वारा देख सकते है। 

टूलबारों के नीचे का बड़ा भाग वर्कशीट कहलाता है। इसमें कई क्षैतिज पंक्तियां (Horizontal Rows) तथा Vertical Columns होते है। पंक्तियों को उनके बाएं पड़ी हुई संख्याओं 1,2,3…आदि से पहचाना जाता है। जबकि कॉलमो को उनके ऊपर लिखे हुए अक्षरों A,B,C… आदि से पहचानते है। वर्कशीट को पंक्तियों तथा कॉलमो में बाँटने पर जो छोटे-छोटे खाने (Boxes) बनते है, उन्हें सैल (Cell) कहा जाता है। किसी सैल को उसकी पंक्ति संख्या और कॉलम नाम के जोड़े से पहचाना जाता है, जिसे उस सैल का पता (Address) कहा जाता है। 

इनमें से जिस सैल पर हम किसी समय कार्य कर रहे होते है। उसे सक्रिय सैल (Active Cell) कहा जाता है। सक्रिय सैल के चारों ओर एक गहरी काली सीमा रेखा होती है और उसका पता नाम बॉक्स (Name Box) में दिखाया जाता रहता है। उदाहरण के लिए A1 सैल सक्रिय सैल है, जिसका पता नाम बॉक्स में दिखाया गया है। जब हम की-बोर्ड पर कोई संख्या, टेक्स्ट या फार्मूला टाइप करते है, तो वह सक्रिय सैल में भरा जाता है और उस सैल के साथ ही साथ फार्मूला बार (Formula Bar) में भी दिखायी पड़ता है। 

वर्कबुक खोलना (Opening a Workbook) :-

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एक्सेल में फाइलों या दस्तावेजों को वर्कबुक कहा जाता है। एमएस-ऑफिस के इन्सर्ट मेन्यू से अथवा डेस्कटॉप या विंडोज एक्स्प्लोरर से एक्सेल प्रारम्भ किया है, तो आपको पहले एक खाली वर्कबुक मिलेगी। जिसका कोई नाम नहीं होगा। प्रारम्भ से ऐसी फाइलों के नाम Book1, Book2, Book3… आदि रखे जाते है। उसमें इच्छानुसार डाटा भरकर उसको सुरक्षित (Save) करते समय आप उस वर्कबुक या फाइल का कोई नाम रख सकते है। यदि वर्तमान वर्कबुक को छोड़कर आप एक नयी वर्कबुक खोलना चाहते है तो File मेन्यू का New आदेश दीजिए या स्टैण्डर्ड टूलबार में New बटन को क्लिक कीजिए। 
यदि आप पहले से बनी हुई किसी वर्कबुक को खोलना चाहते है, तो File मेन्यू का Open आदेश दीजिए या स्टैण्डर्ड टूलबार में Open बटन को क्लिक कीजिए। इस तरह Open का डायलॉग बॉक्स प्राप्त होगा, जिसमें फोल्डर का नाम भरकर या चुनकर उसमें से किसी एक्सेल फाइल को चुन सकते है और Open बटन को क्लिक करके उसे खोल सकते है। 
सामान्यतया एक वर्कबुक में 3 वर्कबुक होती है। प्रारम्भ में इन वर्कशीटों के नाम क्रमश: Sheet1, Sheet2, Sheet3 रखे जाते है। प्रत्येक वर्कशीट अपने आप में स्वतंत्र होती है और एक वर्कशीट के कार्य का प्रभाव दूसरी वर्कशीट पर नहीं पड़ता। 
वर्कशीटों के नामों को नीचे शीट टैब बार में टैबों के रूप में दिखाया जाता है। किसी वर्कशीट के टैब को क्लिक करके आप उसे खोल सकते है या सक्रिय कर सकते है। एक समय में केवल एक वर्कशीट सक्रिय होती है और वही वर्कशीट दिखायी पड़ती है। सक्रिय वर्कशीट का टैब सफ़ेद रंग में दिखाया जाता है और शेष वर्कशीटों के टैब भूरे रंग में दिखाई पड़ते है। 

सैल चुनना (Selecting Cells) :-

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एक्सेल की वर्कशीट में सैलों पर कोई क्रिया करने जैसे डाटा भरने, नकल करने, हटाने आदि से पहले हमें वे सैल चुनने पड़ते है, जिन पर वह क्रिया की जाएगी। आप या तो एक अकेला सैल का कोई आयताकार समूह चुन सकते है, जिसे रेंज (Range) कहते है। चुने हुए अकेले सैल या चुनी हुई रेंज के पहले सैल को सफ़ेद रंग में तथा रेंज के अन्य सभी सैलों को भरे रंग में गहरी काली सीमा रेखा से दिखाया जाता है। 

वर्कशीट में सैल पॉइंटर एक मोटे सफ़ेद क्रॉस के रूप में होता है। किसी अकेले सैल को चुनने के लिए पॉइंटर को उसमें ले जाकर क्लिक कीजिए। किसी पूरी पंक्ति को चुनने के लिए उसके नाम (अर्थात क्रम संख्या) को क्लिक कीजिए। इसी प्रकार किसी कॉलम को चुनने के लिए उसके नाम (या अक्षर) को क्लिक किया जाता है। यदि आप पूरी वर्कशीट को चुनना चाहते है तो वर्कशीट के ऊपरी बाएं कोने पर बने खाली बॉक्स को क्लिक कीजिए। 

सामान्यतया हम सैलों की किसी आयताकार रेंज को चुनते है, जो एक या अधिक कॉलमों में फैली हो सकती है। किसी रेंज को चुनने के लिए सैल पॉइंटर को उसके किसी कोने वाले सैल में ले जाकर क्लिक कीजिए और माउस बटन को दबाए रखकर सैल पॉइंटर को उसके सामने वाले कोने के सैल तक खींच ले जाइए तथा माउस बटन को छोड़ दीजिए, इससे उन दोनों सैलों को कोने के सैल मानकर एक आयताकार रेंज बन जाएगी। जो भूरे रंग में उभर आएगी। रेंज के पहले कोने का सैल सक्रिय सैल माना जाता है। उसे सफ़ेद रंग में दिखाया जाता है। 
एक्सेल में विभिन्न क्रियाओं के लिए आप जो भी आदेश दीजिए, वह चुने हुए सैल या सैलों पर लागू होगा। अपने चुनाव को रद्द करने के लिए उस रेंज से बाहर कहीं भी क्लिक कीजिए या Esc बटन दबाइये। 

टेक्स्ट भरना तथा सम्पादित करना (Entering and Editing Text) :-

किसी सैल में भरे गए टेक्स्ट डाटा को हम प्राय: लेबल (Label) कहते है। यह प्राय: अन्य सैलों में भरे गए डाटा को पहचानने के काम आता है, जैसे किसी कॉलम का शीर्षक। किसी सैल में लेबल अर्थात टेक्स्ट भरने के लिए पहले उस सैल पर पॉइंटर ले जाकर क्लिक कीजिए और फिर अपना टेक्स्ट टाइप करना शुरू कर दीजिए। जैसे-जैसे आप टाइप करते है। वह टेक्स्ट सक्रिय सैल तथा फार्मूला बार दोनों में दिखायी पड़ता है। इसके साथ ही फार्मूला बार में बायीं ओर तीन नये बटन दिखायी देते है, जिनमें से पहले पर कटाव चिन्ह X तथा दूसरे पर सही का चिन्ह छपा होता है। 

सैल में पूरा डाटा भरने के बाद एंटर कुंजी दबाने से या फार्मूला बार बटन को क्लिक करने से वह डाटा सैल में स्थायी हो जाता है। यदि आप किसी कारणवश उस सैल में टेक्स्ट टाइप करते-करते रुकना चाहते हो अर्थात उसमें कुछ न भरना चाहते हो, तो या तो एस्क (Esc) कुंजी दबा दीजिए या फार्मूला बार में X बटन को क्लिक कीजिए। इससे सैल में टाइप किया गया नया डाटा रद्द हो जाएगा और उसका पुराना डाटा बना रहेगा। 
यदि आप किसी सैल में पहले से भरे हुए डाटा को बदलकर दूसरा डाटा भरना चाहते है तो उस सैल को सक्रिय करके सीधे नया डाटा टाइप कर दीजिए। एंटर कुंजी दबाते ही या सही का चिन्ह क्लिक करते ही नया डाटा उस सैल में पुराने की जगह ले लेगा। 
आप एक सैल में 255 चिन्हों तक का डाटा टाइप कर सकते है। 
यदि किसी सैल में डाटा टाइप करते समय कोई गलती हो जाती है, तो आप उसी समय बैकस्पेस कुंजी दबाते हुए उसे ठीक कर सकते है। यदि आपको गलती का पता पूरी हो जाने अर्थात एंटर कुंजी दबा देने के बाद चलता है, तो सैल को सक्रिय करके उस डाटा को फार्मूला बार में सम्पादित (Edit) कर सकते है। माउस पॉइंटर से क्लिक करके आप फार्मूला बार में कहीं भी कर्सर डाल सकते है। किसी सैल में भरे हुए डाटा को एमएस-वर्ड के टेक्स्ट की तरह ही सुधारा जा सकता है तथा फॉर्मेट भी किया जा सकता है। 

स्पेलिंग की जाँच करना (Checking Spelling) :-

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एमएस-वर्ड की तरह एक्सेल में भी आप भरे हुए डाटा में स्पेलिंग की जाँच करा सकते है। यदि आप यह जाँच किसी विशेष सैल या रेंज में कराना चाहते है, तो पहले ऊपर बतायी गयी विधि से उसे चुन लीजिए। कोई सैल या रेंज न चुनने पर यह जाँच पूरी वर्कशीट पर की जाएगी। स्पेलिंग चैकर प्रोग्राम चलाने के लिए या तो स्टैण्डर्ड टूलबार में Spelling बटन को क्लिक कीजिए अथवा Tools मेन्यू का Spelling आदेश दीजिए। इससे यह प्रोग्राम शुरू हो जाएगा। जैसे ही कोई गलती पायी जाएगी आपकी स्क्रीन पर एक डायलॉग बॉक्स देकर उसे सुधारने के लिए आपकी पसंद पूछी जाएगी। 

कार्यों को उलटना तथा दोहराना (Undoing and Repeating Actions) :-

वर्कशीट में कार्य करते समय कभी कभी आप ऐसा कार्य कर जाते है। जिसे बाद में उलटना चाहते है या उसे दोहराना चाहते है। ऐसा आप क्रमश: Undo तथा Repeat आदेशों द्वारा कर सकते है। जो एमएस-वर्ड की तरह ही एक्सेल में Edit मेन्यू में पाए जाते है। इसके साथ ही स्टैण्डर्ड टूलबार में Undo तथा Redo बटन उपलब्ध है। Undo आदेश किसी कार्य को उलटने का कार्य करता है, जबकि Redo आदेश उलटे हुए कार्य को फिर से कर देता है। 
किन्तु आप हर प्रकार के कार्य को नहीं उल्ट सकते और न हर कार्य को दोहरा सकते है। ऐसी स्थिति में  Edit मेन्यू में Undo और Repeat आदेशों के स्थान पर क्रमश: Can’t Undo तथा Can’t Repeat आदेश दिखायी पड़ेंगे। 

संख्याओं को भरना (Entering Numbers) :-

एक्सेल में सैलों में भरी गयी संख्याओं को वैल्यू (Value) कहा जाता है। किसी सैल में कोई वैल्यू भरने के लिए पहले उस सैल को सक्रिय कीजिए और संख्या टाइप करना प्रारम्भ कर दीजिए। संख्याएँ भरने में आप अंकों 0 से 9 के अलावा विशेष चिन्हों को भी शामिल कर सकते है। 
जिन संख्याओं के सामने ऋण चिन्ह होता है उन्हें ऋणात्मक (Negative) माना जाता है। कोष्ठक में रखी गयी संख्या को भी ऋणात्मक माना जाता है। जिन संख्याओं के सामने कोई चिन्ह नहीं होता या धन चिन्ह टाइप किया जाता है, उन्हें धनात्मक (Positive) माना जाता है। धन चिन्ह को दिखाया नहीं जाता। आप संख्याओं को वैज्ञानिक रूप (Scientific Notation) में भी दे सकते है। जैसे 12345 को 1.2345E+4 डालर चिन्ह, कॉमा या प्रतिशत चिन्ह(%) देने पर एक्सेल उस संख्या का फॉर्मेट स्वत: ही बदल देता है। 

सैलों में जो संख्या टाइप की जाती है, वह सामान्यतया उसी रूप में स्टोर की जाती है, लेकिन सैल में दिखायी पड़ने वाली संख्या थोड़ी अलग हो सकती है। सैल में उसकी चौड़ाई के अनुसार जितनी अधिकतम शुद्ध संख्या दिखाना सम्भव है, वही दिखायी जाती है और उसे निकटतम (Round) कर दिया जाता है। सैल में दिखायी जाने वाली संख्या उस सैल के फॉर्मेट पर भी निर्भर करती है, हालांकि गणनाओं में सैल में दिखायी पड़ने वाली संख्या नहीं, बल्कि उसमें वास्तव में भरी गयी संख्या ही ली जाती है। 

संख्याओं को फॉर्मेट करना (Formatting Numbers) :-

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एक्सेल में कोई संख्या सैल में किस प्रकार दिखायी देगी, यह उस सैल के फॉर्मेट पर निर्भर करता है। यदि आप किसी सैल में भरी गयी संख्या को एक निश्चित फॉर्मेट में दिखाना चाहते है, जैसे दशमलव बिन्दु के बाद केवल 2 स्थान, तो उसके लिए सैल को फॉर्मेट करना आवश्यक है। 
यो तो संख्याओं के लिए अनेक फॉर्मेट उपलब्ध है, लेकिन उनमे से तीन-चार श्रेणियों के फॉर्मेट ही अधिक महत्वपूर्ण है। ये श्रेणियाँ निम्न प्रकार है-

General:- इनमें संख्याओं को किसी विशेष फॉर्मेट में दिखाया जाता है। 
Number:- इसमें संख्याओं को दशमलव संख्याओं के रूप में दिखाया जाता है, जिसमें आप दशमलव बिन्दु के बाद के स्थान निश्चित कर सकते है।Date:- इसमें संख्याओं को तारीख के रूप में दिखाया जाता है। तारीखों के लिए आप अनेक उपलब्ध फॉर्मेटों में से किसी का चुनाव कर सकते है।Time:- इसमें संख्याओं को समय के रूप में दिखाया जाता है। समय के लिए आप कोई उपलब्ध फॉर्मेटों में से किसी का चुनाव कर सकते है। 
Text:- इसमें संख्याओं को टेक्स्ट की तरह ठीक उसी रूप में दिखाया जाता है, जैसे वे प्रविष्ट की जाती है। 

जब भी आप कोई नयी वर्कशीट खोलते है, उसके सभी सैल सामान्य (General) श्रेणी में फॉर्मेट किए जाते है। किसी सैल या रेंज का फॉर्मेट बदलने के लिए उसे चुन लीजिए और Format मेन्यू में Cells आदेश दीजिए। इससे आपकी स्क्रीन पर फॉर्मेट सैल का डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा। 
इस डायलॉग बॉक्स की Number टैब शीट में आप चुनी हुई रेंज को जिस श्रेणी (Category) के लिए फॉर्मेट करना चाहते है उसे चुन लीजिए और Decimal Places स्पिन बॉक्स में दशमलव बिन्दु के बाद स्थान भी तय कर दीजिए। आप जो फॉर्मेट तय करेंगे, संख्या उसी रूप में दिखायी पड़ेगी। लेकिन यह ध्यान रखें कि किसी सैल फॉर्मेट करने पर उसमें भरी हुई संख्या के मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, केवल उस संख्या को दिखाने की स्टाइल पर प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, यदि आपने सैल में राशि भरी है, जिसमें पैसे भी है, परन्तु फॉर्मेट में केवल रुपए दिखाए जा रहे है, तो भी गणनाओं में पैसे बने रहेंगे। 

यदि कोई संख्या इतनी बड़ी है कि उसे सैल में ठीक तरह नहीं दिखाया जा सकता, तो सैल में उस संख्या के बजाय केवल पाउण्ड चिन्ह भरे हुए दिखायी देंगे। ऐसे सैल की कॉलम चौड़ाई बदलने के बारे में आगे बताया जाएगा। 
किसी सैल या रेंज में दिखायी पड़ने वाले दशमलव स्थानों को बढ़ाने तथा घटाने के लिए फॉर्मेटिंग टूल बार के क्रमश: Increase Decimal तथा Decrease Demical बटनों का भी प्रयोग किया जा सकता है। हर बार इन बटनों को क्लिक करने पर चुनी हुई रेंज के सभी सैलों में दशमलव का एक स्थान या तो बढ़ जाता है या घट जाता है। 

तारीख़े तथा समय (Dates and Time) :-

एक्सेल में तारीख़े तथा समय की प्रविष्टियां भरना एक उलझाने वाला विषय है। इसका कारण यह है कि एमएस-एक्सेल में इनको साधारण क्रम संख्याओं (Serial Number) की तरह स्टोर किया जाता है, ताकि उसमें तारीख़-समय संबंधी गणनाएं, जैसे दो तारीखों के बीच के दिन, दो समयों के बीच के मिनट आदि, सरलता से की जा सकें। इसमें 1 जनवरी, 1900 को क्रम संख्या 1 के रूप में,2 जनवरी 1900 को क्रम संख्या 2 के रूप में तथा इसी तरह आगे भी स्टोर किया जाता है। इस अध्याय को लिखे जाने वाले दिन की क्रम संख्या 36453 है। इससे तारीख़ का पता आप स्वंय लगा सकते है। किसी सैल में तारीख़ भरने से पहले आपको उसे तारीख़ दिखाने के लिए फॉर्मेट करना पड़ता है। एक बार फॉर्मेट करने के बाद आप उस सैल में तारीख़ सामान्य रूप में भी भर सकते है। 

20/10/20  
20-10-20  
Oct 20,20 

यदि आप तारीख़ दिखाने वाले सैल को फिर से फॉर्मेट कीजिए और उसे साधारण संख्या दिखाने के लिए फॉर्मेट कर दें, तो उसमें उस तिथि की क्रम संख्या दिखायी देगी। 

कभी कभी इस कारण बड़ी उलझन पैदा हो जाती है, क्योंकि एक्सेल किसी तारीख़ जैसी लगने वाली प्रविष्ट को तारीख़ ही मान लेता है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी सैल में 10/20 टाइप करें तो एक्सेल इसे Oct 20 दिखाएगा। यदि आप चाहते है कि साधारण टेक्स्ट ही माना जाए, तो या तो उस सैल को text श्रेणी में फॉर्मेट करना चाहिए या उस संख्या से पहले एक सिंगल कोटेशन चिन्ह लगा देना चाहिए, जो सैल में दिखायी नहीं देगा और छापा भी नहीं जाएगा। इसके अलावा किसी विशेष चिन्ह जैसे #,B, स्पेस आदि का प्रयोग करने से भी उसे साधारण टेक्स्ट माना जा सकता है। 

फार्मूला भरना तथा सम्पादित करना (Entering and Editing Formulas) :-

एक्सेल में फॉर्मूलों का बहुत महत्व है। जब हम कोई गणना करना चाहते है, जैसे किसी कॉलम के कुछ सैलों को जोड़ना, एक संख्या का दूसरे में गुणा करना, औसत निकालना आदि, तो हम उस सैल में इसके लिए फार्मूला भरते है, जहां हमें गणना का परिणाम देखना है। एमएस-एक्सेल में फॉर्मूले हमेशा बराबर चिन्ह= से प्रारम्भ होते है। 

फॉर्मूलों में सैलों का संदर्भ उनके पते के अनुसार दिया जाता है।  उदाहरण के लिए, यदि आप किसी सैल D5 में सैलों A5, B5 तथा C5 का जोड़ दिखाना चाहते है, तो उस  सैल में आपको फार्मूला =A5+B5+C5 इस रूप में भरना पड़ेगा। किसी सैल में फार्मूला समय उसमें बीच में कहीं भी खाली स्थान नहीं होना चाहिए, नहीं तो फार्मूला गलत हो जाएगा। 

फार्मूला आप दो प्रकार से भर सकते है- एक तो साधारण टेक्स्ट की तरह सीधे टाइप करके, दूसरे माउस और की-बोर्ड की सहायता से, पहली विधि में उस सैल को सक्रिय करके पूरा फार्मूला कुंजी टाइप कर दिया जाता है और एंटर दबा देते है। दूसरी विधि में केवल सैलों के पते माउस की सहायता से क्लिक करके भरे जाते है और शेष चिन्ह टाइप किए जाते है। इस विधि से ऊपर बताया गया फार्मूला भरने के लिए सैल D5 को सक्रिय करके पहले = चिन्ह टाइप कीजिए या फार्मूला बार में = बटन को क्लिक कीजिए, फिर माउस से सैल A5 पर पॉइंटर ले जाकर क्लिक कीजिए, फिर+ चिन्ह टाइप कीजिए, फिर सैल B5 को क्लिक कीजिए, फिर + चिन्ह टाइप कीजिए, अंत में सैल  C5 को क्लिक करके एंटर दबा दीजिए। यह आपको लम्बा लग सकता है, लेकिन यही सबसे सरल है, क्योंकि इस विधि से सैलों के पते गलत होने की संभावना नहीं रहती है। 

सामान्यतया किसी सैल में भरा गया फार्मूला हमें दिखायी नहीं पड़ता। बल्कि उस फॉर्मूले के अनुसार की गयी गणना का परिणाम ही दिखायी देता है। एक्सेल में यह विशेषता है कि फॉर्मूलों के अनुसार गणना स्वत: ही होती रहती है। ऊपर के उदाहरण में, यदि कभी A5 या B5 या C5 सैलों में भरी कोई संख्या बदल जाती है, तो उनका जोड़ उसी हिसाब से बदल जाएगा। वैसे सैल में भरा गया फार्मूला उस सैल को सक्रिय करने पर फार्मूला बार में दिखायी पड़ता है, जहां पर आप उसे सुधार भी सकते है। 

फार्मूला ऑपरेटर (Formula Operators) :-

फार्मूला बनाने मे हम ऑपरेटरों का उपयोग करते है। कोई ऑपेरटर की जाने वाली क्रिया को बताता है। उदाहरण के लिए, ऊपर बनाए गए फार्मूला में + एक ऑपरेटर है, जो  संख्याओं को जोड़ने की क्रिया के लिए है।  एक्सेल के ऑपरेटरों को चार सामान्य श्रेणियों में बांटा गया है- अंकगणितीय (Arithmetic), तुलना (Comparison), टेक्स्ट (Text) तथा संदर्भ (Reference). ज्यादातर हम  अंकगणितीय ऑपरेटरों का प्रयोग करते है तथा विशेष कार्यों में शेष का प्रयोग किया जाता है। यहां हम इनके बारे में संक्षेप में बता रहे है-

अंकगणितीय ऑपरेटर (Arithmetic Operators) :

अंकगणितीय ऑपरेटर द्वारा गणितीय क्रियाएँ की जाती है। ये निम्न प्रकार है –
+जोड़ना (Addition)
– घटाना (Subtraction) 
* गुना करना (Multiplication)
/ भाग देना (Division)
% प्रतिशत (Percentage)
^ घात (Exponentiation) 
कोई गणना करने के लिए इनका प्रयोग फार्मूलों में सही स्थान पर किया जा सकता है। इनका प्रभाव अंकगणित के नियमों के अनुसार ही होता है। उदाहरण के लिए, फार्मूला= C4*15% द्वारा सैल C4 में भरी गयी संख्या का 15 प्रतिशत ज्ञात किया जाएगा।  फार्मूला=B4^2 द्वारा सैल B4 की संख्या के वर्ग (Square) की गणना की जाएगी। इन ऑपरेटरों के साथ कोष्ठकों का प्रयोग करके आप अधिक जटिल या मिश्रित फॉर्मूले भी बना सकते है, जैसे =C5*(B4+B5)-(C2*10%). 

तुलना ऑपरेटर (Comparison Operators) :

इनके द्वारा हम दो मानों (Values) की आपस में तुलना करते है और उसके परिणाम के अनुसार कार्य करते है। ये ऑपरेटर निम्नलिखित है :
= बराबर (Equal to)
>> बड़ा (Greater than)
>>=  बड़ा या बराबर (Greater than or equal to)
<< छोटा (Less than)
<<= छोटा या बराबर (Less than or equal to)
<> बराबर नहीं (Not equal to)
इन ऑपरेटरों का प्रयोग सामान्यतया एक्सेल के ताकिर्क फलनों (Logical Functions) के साथ किया जाता है। 

टेक्स्ट ऑपरेटर (Text Operator) : एक्सेल में केवल एक ऐसा ऑपरेटर है & . इसका प्रयोग टेक्स्ट को जोड़ने में किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि सैल B4  में Aero भरा है और सैल B5 में plane तो फार्मूला =B4&B5 उनको मिलाकर टेक्स्ट Aeroplan बनाएगा। 

संदर्भ ऑपरेटर (Reference Operator) : एक्सेल में सैलों का संदर्भ देने के लिए संदर्भ ऑपरेटरों का प्रयोग किया जाता है। सबसे अधिक प्रचलित ऑपरेटर कोलोन है। इसका प्रयोग किसी रेंज को बताने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए रेंज A4:C8 का अर्थ है- सैल A4, सैल C8 तथा इनके बीच आने वाले सभी सैल। 

सैलों का संदर्भ देना (Referencing Cells) :

फॉर्मूले लिखते समय हम ज़्यादातर अकेले सैलों का और कभी-कभी सैलों की रंजों का संदर्भ देते है। अकेले सैल का संदर्भ या तो उसका पता सीधे टाइप करके या उस सैल को क्लिक करके दिया जा सकता है।
सैलों की रेंज का संदर्भ उस रेंज के आमने-सामने के कोनों वाले सैलों का पता लिखकर और उनके बीच में कोलोन का चिन्ह लगाकर दिया। इस तरह के संदर्भ को या तो आप सीधे टाइप कर सकते है या माउस से खींचते हुए रेंज बनाकर दे सकते है। वैसे आप सीधे रेंज का संदर्भ देने के बजाय उसका कोई नाम भी रख सकते है। 
जब आप कोई फार्मूला बनाते है और फिर उसे फिर उसे कहीं नकल करते है, तो एमएस-एक्सेल उस फार्मूले में दिए गए सैल संदर्भो के बारे में कुछ नियमों का पालन करता है। आप अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार इन नियमों को भी बदल सकते है। 
सैल संदर्भ तीन प्रकार के होते है- निरपेक्ष (Absolute), सापेक्ष (Relative) तथा मिश्रित (Mixed). निरपेक्ष सैल संदर्भो में किसी सैल पते में पंक्ति संख्या और कॉलम नाम से पहले एक डॉलर चिन्ह लगाया जाता है। साक्षेप सैल संदर्भ में पते सीधे दिए जाते है। ऐसे संदर्भ उस पते को नकल करते समय स्थिति के अनुसार बदल जाते है, तो उसकी नकल की जाती है। 
मिश्रित सैल संदर्भ में या तो केवल पंक्ति की संख्या या केवल कॉलम का नाम निरपेक्ष होता है, संदर्भ को नकल किए जाते समय निरपेक्ष भाग तो वही रहता है, दूसरा भाग सापेक्ष संदर्भो की तरह बदल जाता है। 

फॉर्मूलों का गणना क्रम (Order of Evaluation in Formulas) :- 

कोई फार्मूला क्या परिणाम देगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें ओपेरटरों का प्रयोग किस प्रकार किया गया है। किस ऑपरेटर का कार्य पहले किया जाय यह बहुत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए गुणा (*) का कार्य हमेशा जोड़ (+) से पहले किया जाता है। इसलिए फार्मूला =2+3*20 का परिणाम 62 होगा, जबकि फार्मूला =20*2+3 का परिणाम 43 होगा। यदि आप चाहते है कि पहले 2 और 3 को जोड़ा जाय और बाद में 20 से गुणा किया जाय, तो हमें कोष्ठकों का सहारा लेना होगा और फार्मूला इस प्रकार लिखा जाएगा =20*(2+3) अथवा =(2+3)*20 जिनका परिणाम 100 होगा। 
ऊपर आप जितने ऑपरेटरों के बारे में पढ़ चुके है, उनके मूल्यांकन का प्राथमिकता क्रम इस प्रकार है-
: रेंज संदर्भ 
–  ऋणात्मक संख्या (Negative Number)
% प्रतिशत 
^ घातांकन (Exponentiation)
*या /  गुणा तथा भाग 
या – जोड़ तथा घटाव
& टेक्स्ट का जोड़ 

समान प्राथमिकता के ऑपरेटरों की गणना बायीं ओर से दायीं ओर की जाती है। 
इस क्रम को बदलकर किसी दूसरे क्रम में गणना करने के लिए आप कोष्ठकों का प्रयोग कर सकते है, जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है। यदि कई कोष्ठकों हो, तो सबसे भीतर वाले कोष्ठकों की गणना पहले की जाएगी। इसमें गणित के साधारण नियमों का पालन किया जाता है। 

MS-EXCEL पर काम कैसे करे का निष्कर्ष :-

हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह आर्टिकल MS-EXCEL पर काम कैसे करे? जरूर पसंद आया होगा। हमारी हमेशा यही कोशिश होती है की आपको हर विषय पर सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करवाए। हमारे इस आर्टिकल के जरिये आपको MS-EXCEL से संबंधित पूर्ण जानकारी मिल गई होगी । अगर अभी भी MS-EXCEL को लेकर अगर आपके मन में कोई प्रश्न हो तो आप हमे कमैंट्स के जरिये बता सकते है हम आपके हर प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश करेंगे ।
Source: MS-EXCEL
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