MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen?

MS-Word kya hai? और MS-Word kaise sikhen?

MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen? अगर आप MS-Word को अच्छे से जानना चाहते है तो आप बिलकुल सही जगह पे आये है। हमने इस आर्टिकल में MS-Word Kya Hai?, के अलावा MS-Word Kaise Sikhen? के बारे में विस्तार से बात की है। जिससे आपको MS-Word से जुड़ी सभी जानकारी एक ही जगह पे मिलने वाली है इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े। तो आइये जानते है बिना किसी देरी के।

Contents

MS-Word kya hai? (एमएस-वर्ड क्या है?)

यह एक वर्ड प्रोसेसिंग पैकेज है , जिसमे साधारण दैनिक पत्र व्यवहार से लेकर डेस्क टॉप पब्लिशिंग स्तर तक के सभी कार्य सुविधपूर्वक किये जा सकते है।  इसमें आप text ही नहीं चित्र या ग्राफ़िक्स  सरलता से तैयार कर सकते है। 

एमएस-वर्ड को संक्षेप में वर्ड (Word) भी कहा जाता है। इसमें परंपरागत मेन्युओ तथा कुंजीपटल के शॉर्टकट्स (Shortcuts) के साथ ही टूल बार्स (Tool Bars) की सुविधा भी उपलब्ध है।  प्रत्येक टूल बार कई बटन लगे होते है , जिनमे में प्रत्येक किसी विशेष आदेश के बराबर होता है।  टूल बार में किसी बटन को माउस पॉइंटर से क्लिक कर देने पर संबंधित आदेश प्रारम्भ हो जाता है, जिससे कोई कार्य किया जाता है।  उदाहरण के लिए, किसी टेक्स्ट को बोल्ड करना , किसी फाइल को सुरक्षित (save) करना या छपवाना आदि कार्य आप सम्बन्धित बटन को क्लिक करके ही सम्पन्न कर सकते है।  इतना ही नहीं, आप इसमें अपने नए टूल बार तथा मेन्यू भी बना सकते है। 

डेस्क टॉप प्रकाशन सम्बन्धी कार्यों में एमएस-वर्ड बहुत उपयोगी होता है, क्युकी यह शीर्षक (Headings), अनुक्रमणिक (Table of Contents), निर्देशिका (Index) आदि  बहुत तेजी से बना सकता है।  इसकी विशेषता यह भी है की जब आप कोई शब्द टाइप करते है, तो वह उसके साथ साथ स्पेलिंग की जाँच (Check) करता रहता है तथा गलत पाए शब्दों को लाल स्याही से रेखांकित (Underline) कर देता है।  यही नहीं यदि कोई शब्द या वाक्यांश (Phrase) वर्तनी (Spelling) की दृष्टि से सही हो लेकिन पंक्चुएशन ( Punctuation) की दृष्टि से गलत हो, तो उसे हरी स्याही से रेखांकित कर दिया जाता है।  इसमें समन्तर्कोष (Thesaurus) की सुविधा भी उपलब्ध है।  एमएस-वर्ड की ऑटोफॉर्मॅट (Autoformat) विशेषता आपकी पाठ्य सामग्री की जांच करके उसे अच्छी प्रकार फॉर्मेट करके तैयार कर देती है। एमएस-वर्ड में लिफाफे छापने तथा मेल-मर्ज सुविधाए भी उपलब्ध है, जो आपके कार्य को और अधिक सरल बना देती है। 

MS-Word kaise sikhen (एमएस-वर्ड कैसे सीखें?)

एमएस-वर्ड पर कार्य करना बहुत ही सरल होता है। एमएस-वर्ड  का निर्मण विंडोज पर कार्य करने के लिए किया गया था। इसके कार्यो के बारे में हम निम्न प्रकार जानेंगे की एमएस-  कार्य किस प्रकार किया जाता है, और MS-WORD KAISE SIKHEN.

एमएस-वर्ड प्रारम्भ करना (Starting MS-Word):

MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen?
MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen?

एमएस-वर्ड को आप स्टार्ट मेन्यू के Programs के सब मेन्यू से प्रारम्भ कर सकते है, अगर आपके डेस्कटॉप, किसी मेन्यू या फोल्डर में एमएस-वर्ड का शॉर्टकट है तो उसको डबल क्लिक करके भी एमएस-वर्ड को प्रारम्भ किया जा सकता है। वर्ड प्रारम्भ करते ही आपकी स्क्रीन पर एमएस-वर्ड  की मुख्य विंडो दिखाई  देगी, जिसमे एक खाली दस्तावेज़ दिखाई  देता है।  आप किसी वर्ड डॉक्यूमेंट फाइल के आइकॉन को डबल-क्लिक करके वर्ड को प्रारम्भ कर सकते है,  प्रोग्राम प्रारम्भ हो जाने के बाद वही दस्तावेज वर्ड की विंडो में खोला जाता है। 

टाइटल बार (Title Bar): किसी भी साधारण विंडो की तरह इसमें भी प्रोग्राम का नाम दिखाया जाता है। यदि उस दस्तावेज़  नाम नहीं रखा गया है , तो उसका नाम Document 1, Document 2 आदि रख लिया जाता है। 

MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen?
MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen?

मेन्यू बार (Menu Bar): किसी भी साधारण विंडो की तरह इसमें भी टाइटल बार के ठीक नीचे मेन्यू बार होता है , जिसमे कोई पुल डाउन मेन्यू शामिल होते है।  जब भी आप माउस पॉइंटर से मेन्यू बार के किसी समूह के नाम को क्लिक करते है, उसका पुल डाउन मेन्यू खुल जाता है। उस मेन्यू में किसी आदेश को चलने अथवा चुनने के लिए उसे क्लिक  करना पड़ता है। 

टूल बार (Tool Bar) : एमएस-वर्ड में एक दर्जन से भी अधिक टूल बार  है। लेकिन हम प्राय: दो या तीन टूल बारों  स्क्रीन पर रखते है। शेष टूल बारों को आवश्यकता पड़ने पर स्क्रीन पर लाया जा सकता है। एमएस-वर्ड में मुख्यत: निम्नलिखित टूल बार  उपलब्द होते है :

  • स्टैण्डर्ड (Standard)
  • फार्मेटिंग (Formatting)
  • टेबल एंव बोर्डर्स (Table and Borders)
  • ड्राइंग (Drawing)
  • डाटाबेस (Database)
  • फॉर्म्स (Forms)
  • ऑटो टेक्स्ट (Auto Text)
  • पिक्चर (Picture)

इसमें हम पहले दो टूल बारों -स्टैण्डर्ड तथा फार्मेटिंग- का सबसे अधिक उपयोग करते है। शेष टूलबारो में से दो  बारों- टेबल एंव बॉर्डर तथा ड्राइंग – को खोलने के लिए मुख्य विंडो में ही बटन होते है , जिन्हे पहली बार क्लिक करके उन्हे  स्क्रीन पर open और उपयोग किया जा सकता  है तथा दूसरी बार क्लिक करके close जा सकता है।  अन्य टूल बारों को open  अथवा close  के लिए मेन्यू  बार के view मेन्यू में toolbars विकल्प के मेन्यू का प्रयोग किया जाता है।  जिसमे किसी भी टूल बार को स्क्रीन पर ओपन या क्लोज किया सकता है। 

जब हम माउस पॉइंटर को किसी टूल बार के किसी बटन पर लाते है, तो उसका नाम उधर आता है , जिससे पता चलता है कि वह टूल किस कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। 

स्टैण्डर्ड टूलबार (Standard Tool Bar): इस टूलबार  के बटनों का उपयोग फाइल और टेक्स्ट के सम्पादन के संबंधित क्रियाओ के लिए किया जाता है, जैसे किसी फाइल को खोलना, सुरक्षित करना, छपवाना, बंद करना, सामग्री को काटना, नकल करना, पेस्ट करना आदि। 

फार्मेटिंग टूल बार ( Formatting Tool Bar) : इस टूल बार के बटनों का उपयोग पाठ्य और पैराग्राफों को फॉर्मेट करने किया जाता है।  

रुलर (Rulers) : यह दो प्रकार के होते है _क्षैतिज(Horizontal) तथा वर्टीकल (Vertical), इसकी सहायता से आप एक या अधिक पैराग्राफ़ो का स्वरूप बदल सकते है। View मेन्यू में Ruler आदेश से उन्हें ओपन या क्लोज किया जा सकता है। 

पाठ्य क्षेत्र (Text Area) : रूलर के ठीक नीचे एमएस-वर्ड विंडो का मुख्य क्षेत्र होता है, जिसे पाठ्य क्षेत्र और सामग्री क्षेत्र भी कहा जाता है , आपके द्वारा टाइप किया गया अथवा अन्य सामग्री इस क्षेत्र में दिखाई जाती है।  किसी भी समय इसमें सामग्री का एक भाग ही इसमें दिखाई पड़ता है, लेकिन स्क्रॉल बारों की सहायता से आप ऊपर-नीचे अथवा लेफ्ट-राइट के भागों को भी देख सकते है। 

माउस पॉइंटर (Mouse Pointer) : माउस पॉइंटर एक पतली और बड़ी आई (I) के आकार का होता है।  आप इसे स्क्रीन पर कही भी ले जा सकते है। विंडो के दूसरी भागों में जाने पर माउस पॉइंटर  बदलता रहता है। 

सम्मिलन बिन्दु (Insertion Point) : कर्सर जो एक लकीर के रूप में होता है।  कुंजी पर जो कुछ भी आप टाइप करते है या कोई सामग्री डालते है, तो वह सामग्री सम्मिलन  बिन्दु से प्रारम्भ करके ही प्रयोग किया जाता है।  यह कर्सर माउसपॉइंटर  को कार्यक्षेत्र पर क्लिक करके सम्मिलन बिन्दु को वहां पंहुचा सकते  है इसके अलावा तीर के चिन्हों वाले बटनो का प्रयोग करके भी आप सम्मिलन बिंदु को ऊपर नीचे या लेफ्ट राइट कही भी ले जा सकते है। 

स्टेटस क्षेत्र (Status Area) : इसमें हमारे दस्तावेज के बारे में कई अतिरिक्त सूचनाऍ दी जाती है , जैसे पृष्ठ संख्या, लाइन तथा कालम संख्या आदि, यह भाग प्राय: हर समय स्क्रीन पर रहता है, यदि आपने फुल स्क्रीन का विकल्प चुना न हो। 

नया दस्तावेज खोलना (Opening a New Document) :

OPENING A NEW DOCUMENT
OPENING A NEW DOCUMENT

कोई दस्तावेज़ तैयार करने के लिए सबसे पहले उसे खोलना पड़ता है।  सामान्यता वर्ड प्रारम्भ करने पर एक खाली दस्तावेज़ खोला जाता है।  यदि आप किसी अन्य दस्तावेज़ पर कार्य कर रहे है और एक बिलकुल नया दस्तावेज़ बनाना चाहते है तो फाइल मेन्यू में new आदेश दीजिए अथवा स्टैण्डर्ड टूल बार में new बटन को क्लिक कीजिए।  ऐसा करते ही आपकी स्क्रीन पर आपको new डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।  साधारण दस्तावेज़ बनाने के लिए इस डायलॉग बॉक्स की general टैबशीट में blank document विकल्प को चुनकर  ok बटन क्लिक करना चाहिए।  ऐसा करते  विंडो सामग्री क्षेत्र में एक खाली दस्तावेज़  ओपन हो जाएगा। जिसमें आप अपनी इच्छानुसार कार्य कर सकते है। 

पुराना दस्तावेज खोलना (Opening an Old Document) :

OPENING AN OLD DOCUMENT
OPENING AN OLD DOCUMENT

यदि आप पहले से बने हुए किसी दस्तावेज़ को खोलना और उसमें सुधार करना चाहते है, तो file मेन्यू को सक्रिय कीजिए।  इसमें सबसे नीचे चार दस्तावेज़ फाइल्स के नाम दिए गए होंगे।  ये वे दस्तावेज़ है जो आपने आखिरी बार तैयार किए थे अथवा खोले थे। यदि आप इनमे से ही किसी दस्तावेज़ को खोलना चाहते है , तो माउस पॉइंटर द्वारा उसे क्लिक कीजिए। इसमें उस दस्तावेज़ (या फाइल) को एमएस-वर्ड में ओपन करके लोड किया जा सकता है। 

यदि आप अधिक पुरानी दस्तावेज़ फाइल में सुधार करना चाहते है, तो file मेन्यू में open बटन क्लिक करने से अथवा स्टैण्डर्ड टूल बार का open बटन क्लिक करने से डायलॉग बॉक्स ओपन हो जाएगा। 

इस डॉयलॉग बॉक्स के Look in लिस्ट बॉक्स से उस फोल्डर का नाम दिया जाता है, जिसमे दस्तावेज़ होने की संभावना है।  सामान्यता एमएस-ऑफिस द्वारा सभी दस्तावेज़ों के लिए My Documents फोल्डर का उपयोग किया  जाता है।  यदि आपका फोल्डर कोई दूसरा है, तो उसका नाम इस लिस्ट बॉक्स में भर सकते है या इस ड्राप डाउन लिस्ट दोष को खोलकर उसमे से चुन सकते। बीच के खाली स्थान में उस फोल्डर में शामिल सभी वर्ड दस्तावेज़ों के नाम दिखाए  जाते है।  आप उनमें से किसी को भी चुन सकते है और open बटन को क्लिक करके उसे खोल सकते है। 

टाइपिंग टेक्स्ट (Typing Text) :

TYPING TEXT
TYPING TEXT

दस्तवेज़ खुल जाने के बाद आप सामग्री टाइप करना प्रारम्भ कर सकते है। आप जो भी टाइप करते है वह इन्सर्ट पॉइंट (कर्सर) के स्थान पर जुड़ता जाता है।  वर्ड में एक पंक्ति भर जाने पर अपने आप ही दूसरी लाइन प्रारम्भ  है। एंटर (Enter) कुंजी को केवल पैराग्राफ पूरा हो जाने पर ही दबाना चाहिए या कोई लाइन खाली छोड़ने के लिए  एंटर दबाना चाहिए। टाइपिंग में होने वाली गलतियों को या तो उसी समय बैक स्पेस (Backspace) कुंजी द्वारा या तीर के बटनों के द्वारा सही स्थान पर कर्सर ले जाकर Delete key द्वारा ठीक किया जा सकता है। उदाहरण :

Health is Wealth

दस्तावेज़ को सुरक्षित करना (Saving the Document) :

जब तक किसी दस्तावेज़ को किसी डिस्क पर सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक वह केवल मुख्य मैमोरी में रहता है और किसी कारण से बिजली चले जाने पर हमेशा के लिए नष्ट हो जाता है। इसलिए प्रत्येक दस्तावेज़ को सुरक्षित करना आवश्यक है। सुरक्षित करने के बाद कभी भी ठीक उसी स्थिति से कार्य प्रारम्भ कर सकते है, जिस स्थिति को आपने सुरक्षित किया था। यदि कोई दस्तावेज़ पहली बार सुरक्षित किया जा रहा है, तो आपको उसका कोई नाम रखना होगा। प्रोग्राम में एमएस-वर्ड द्वारा नए दस्तावेज़ के नाम Document 1,2,3 आदि रखे जाते है।  आप इन्हें बदलकर कोई भी नाम रख सकते है। सुरक्षित करने के लिए file मेन्यू में save आदेश दीजिए या स्टैण्डर्ड टूल बार में save बटन क्लिक कीजिए। ऐसा करने पर save as का डायलॉग बॉक्स ओपन हो जायेगा। 

इस डायलॉग बॉक्स में दस्तावेज का नाम File name बॉक्स में तथा उसके फोल्डर का नाम Save in बॉक्स में दिया जाता है। सामान्यतया My Document फोल्डर में सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखे जाते है। Save as type लिस्ट बॉक्स में फाइल का टाइप दिया जाता है। यह सामान्यतया Word Document होता है।  जिससे फाइल के नाम में.doc एक्सटेंशन जोड़ दिया जाता है। पहली बार कोई फाइल सुरक्षित करने के लिए ये सूचनाएँ देना अनिवार्य है।  ये बॉक्स भरने के बाद Save बटन को क्लिक करने से फाइल सुरक्षित हो जाता है। 

यदि कोई दस्तावेज़ पहले भी एक बार सुरक्षित किया जा चुका है, तो Save आदेश देने पर कोई डायलॉग बॉक्स नहीं ओपन होगा ,बल्कि पहले ही दी जा चुकी सूचनाओं के अनुसार फाइल सुरक्षित कर दी जाएगी। यदि आप इन सूचनाओं में कोई बदलाव करना चाहते है, जैसे नाम बदलना चाहते है, तो save की जगह file मेन्यू का save as क्लिक करे। आपके  आदेश अनुसार वर्ड की विंडो में खुले हुए किसी दस्तावेज को नये नाम को सुरक्षित करके उस फाइल की एक नकल भी बना सकते है।  इससे मूल फाइल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 

टेक्स्ट चुनना (Selecting Text) :

दस्तावेज़ में कोई सुधार करने के लिए, जैसे किसी शब्द या वाक्य को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह ले जाने या उसकी नकल करने, उसका स्वरूप (Format) या आकार (Size) बदलने आदि क्रियाओ के लिए सबसे पहले उस टेक्स्ट को चुना जाता है। टेक्स्ट चुनने के लिए प्राय: माउस का प्रयोग किया जाता है।  इसके लिए सबसे पहले माउस पॉइंटर को वहाँ ले जाइये, जहा से प्रारम्भ करके टेक्स्ट को आप चुनना चाहते है। अब माउस बटन को क्लिक करके पकड़े रखते हुए और उसे दबाये रखते हुए माउस पॉइंटर को दायी ओर सरकाइये। जैसे जैसे माउस पॉइंटर सरकता है, वैसे वैसे उसके भीतर आया हुआ टेक्स्ट उल्टे रंग में दिखाई पड़ता जाता है। इसी तरह सरकाते हुए माउस बटन को उस टेक्स्ट के अन्त में ले जाकर छोड़ दीजिए, जहाँ तक आप चुनना चाहते है।  ऐसा करने पर उन दोनों स्थानों के बीच की सारी लाइन्स, पैराग्राफ आदि सहित चुन ली जाएगी और वह भाग स्क्रीन पर उल्टे रंग (Reverse Video) में दिखाई पड़ेगा। 

टेक्स्ट चुनने में और अधिक सरलता के लिए आप निम्नलिखित तकनीकों का भी प्रयोग आवश्यकता के अनुसार कर सकते है-

  • किसी शब्द को चुनने के लिए उसे डबल क्लिक कीजिए। 
  • किसी वाक्य को चुनने के लिए कंट्रोल कुंजी (CTRL) को दबाकर वाक्य में कही क्लिक कीजिए। 
  •  किसी पंक्ति को चुनने के लिए माउस पोंटेर उस पंक्ति के बायीं ओर के हाशिये में पंक्ति  के ठीक सामने क्लिक कीजिए। 
  • किसी पैराग्राफ को चुनने के लिए पैराग्राफ में ही कही लगातार तीन बार क्लिक कीजिए या पैराग्राफ के बायीं ओर के हाशिये में डबल क्लिक कीजिए। 

इन सभी तकनीकों में आप माउस बटन को दबाकर खींच ले जाकर (Dragging करके) पास के दूसरे शब्दों, वाक्यों, लाइन या पैराग्राफ भी चुन सकते है। 

यदि आप पूरे शब्दों के बजाय केवल उनके कुछ भाग को ही चुनना चाहते है तो माउस को क्लिक करते तथ्स खिसकाते समय ऑल्ट (Alt) कुंजी को दबाए रखिए। पूरे दस्तावेज़ को चुनने के लिए Edit मेन्यू Select All क्लिक करे। 

टेक्स्ट का चुनाव आप की-बोर्ड की सहायता से भी कर सकते है। इसके लिए कर्सर को उस स्थान पर लेकर जाइये , जहां से प्रारम्भ करके आप टेक्स्ट का चुनाव करना चाहते है।  अब शिफ्ट कुंजी को दबाकर पकड़ लीजिए और उसे दबाये रखते हुए तीर के बटनों से कर्सर को दायी  ओर या नीचे की ओर सरकाइए , ऐसा करते हुए आप देखेंगे कि जहां तक कर्सर जाएगा , उसके प्रारम्भिक स्थान से वहां तक सारा टेक्स्ट चुन लिया जाएगा।  इस विधि से आप एक अक्षर से लेकर पूरे दस्तावेज़ तक को चुन सकते है। 

प्रत्येक मामले में चुना हुआ टेक्स्ट उल्टे रंग (Reverse video)  दिखाई जाती है।  चुनी हुई सामग्री आप आगे बतायी गयी क्रियाएँ कर सकते है। ये क्रियाएँ केवल चुनी हुए सामग्री पर ही की जा सकती है। कोई चीज़ चुनी हुई नहीं है, तो ये आदेश निष्क्रिय (Disable) हो जाते है। अभ्यास के लिए, ऊपर स्टोर किये गए दस्तावेज़ में टेक्स्ट चुनने की क्रियाएँ निम्नलिखित अनुसार है :

  • माउस  पॉइंटर को पहले पैराग्राफ में Nobody शब्द पर कहीं भी ले आइए और डबल क्लिक कीजिए, यह शब्द उलटे रंग में आ गया है।  अब माउस को कहीं भी एक बार क्लिक कर दीजिए, जिससे चुना हुआ शब्द फिर से सामान्य हो जाएगा। 
  • Nobody शब्द से प्रारम्भ होने वाला वाक्य चुनने के लिए माउस पॉइंटर को उस वाक्य में कही ले जाइए और कंट्रोल कुंजी को दबाकर माउस बटन को एक बार क्लिक कीजिए।  आप देखेंगे कि Nobody Likes A Sick Or Weak Person. यह पूरा वाक्य चुन लिया गया है। 
  • कोई पूरा पैराग्राफ चुनने के लिए माउस बटन लगातार तीन बार क्लिक कीजिए, इसका अभ्यास करके माउस बटन को कहीं भी खाली क्लिक कीजिए। 
  • माउस पॉइंटर को किसी लाइन के बायीं ओर के हाशिये में लाकर एक बार क्लिक कीजिए, आप देखेंगे कि इससे वह पंकित पूरी की पूरी चुन गयी है। 
  • माउस पॉइंटर को किसी शब्द पर ले जाकर माउस बटन को दबाकर पकड़ लीजिए और उसे दबाए रखकर माउस पॉइंटर को आगे और नीचे सरकाइए, आप देखेंगे कि जैसे जैसे माउस पॉइंटर आगे चलता है, वहां तक का सारा भाग चुन लिया जाता है, चाहे उसमें कितनी भी पंक्तिया या पैराग्राफ हो। 

स्टैण्डर्ड टूल बार (Standard Toolbar) :

टेक्स्ट को सम्पादित करने में स्टैण्डर्ड टूल बार के विभन्न बटनों का उपयोग किया जाता है। इन बटनों को ठीक से पहचान लेना चाहिए, क्योकि आगे के पृष्ठो पर आवश्यकता के अनुसार इनका सन्दर्भ दिया जायेगा।  

पाठ्य हटाना (Deleting Text) :

दस्तावेज़ के किसी भाग या पाठ्य को हटाने के लिए ऊपर बतायी गयी विधि से उसे चुनकर या तो की-बोर्ड पर delete कुंजी दबाइए या edit menu का delete आदेश दीजिए, इससे वह पाठ्य गायब हो जाएगा।  समाग्री को चुनकर और स्टैण्डर्ड टूल बार में cut बटन को क्लिक करके भी आप उस समाग्री को दस्तावेज़ से हटा सकते है। 

कर्सर को हटाए जाने वाले भाग में ले जाकर बैक स्पेस या delete कुंजियों का प्रयोग करके भी आप टेक्स्ट को हटा सकते है। 

 टेक्स्ट सम्मिलित करना (Inserting Text) :

किसी टेक्स्ट के बीच में या प्रारम्भ में नया टेक्स्ट डालने के लिए पहले कर्सर को उस स्थान पर ले जाइए और जो भी चाहे टाइप करना प्रारम्भ कर दीजिए, ऐसा करने पर आप जो भी भी टाइप करेंगे, वह insertion point वाले स्थान पर घुसता हुआ चला जाएगा तथा उसके बाद के सभी शब्द, वाक्य आदि अपने आप ही दायी ओर सरककर ठीक से लगते जाएंगे। यदि ऐसा नहीं हो रहा हो, तो सम्भव है कि आपने insert बटन को रिसेट कर दिया हो। ऐसी स्थिति में उसे एक बार दबाकर सेट कीजिए। इस प्रकार टेक्स्ट इन्सर्ट हो जाएगा। 

पाठ्य को सरकाना (Inserting Text) :

किसी टेक्स्ट को एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर ले जाने की दो विधियां है।  पहली और सरल विधि निम्न प्रकार है-

  • सबसे पहले आप उस पाठ्य को ऊपर बतायी गयी विधि से चुन लीजिए और हटा दीजिए अर्थात cut कर दे। ऐसा करने पर हटाई गयी समस्त समग्री क्लिप बोर्ड में रख ली जाती है. क्लिप बोर्ड में केवल अंतिम बार cut या copy आदेश द्वारा हटाई गयी समाग्री ही रखी जाती है।  इस समग्री को आप कहीं भी paste कर सकते है। 
  • Paste करने के लिए कर्सर को उस स्थान पर ले जाकर लगाइए, जहां से प्रारम्भ करके आप उसे paste करना चाहते है। 
  • या तो edit मेन्यू का paste आदेश दीजिए या स्टैण्डर्ड टूल बार का paste बटन क्लिक कीजिए।  ऐसा करते ही आप देखेंगे की आखिरी बार हटाई गयी समाग्री inserting पॉइंट की जगह नजर आने लगेगी।  इस विधि द्वारा आप कोई भी समाग्री कहीं भी paste कर सकते है।  इस समाग्री को आप अनेक जगह भी paste कर सकते है। 

टेक्स्ट को सरकाने की दूसरी विधि यह है कि पहले उस टेक्स्ट को चुन लीजिए , अब चुने हुए भाग में माउस पॉइंटर ले जाकर माउस बटन को सावधानी से दबाकर पकड़ लीजिए।  ऐसा करने से पॉइंटर हल्के intserting point में बदल जाएगा।  अब माउस बटन को दबाए रखकर उस बदले हुए माउस पॉइंटर को नए स्थान पर खींच ले जाइए और सही स्थान पर ले जाकर माउस को छोड़ दीजिए , इस प्रकार चुनी हुई सामग्री नये स्थान पर आ जाएगी और आपका दस्तावेज़ आपने आप सेट हो जाएगा। 

पाठ्य बदलना (Replacing Text) :

किसी शब्द, वाक्य या अन्य टेक्स्ट को बदलने की दो विधियां है. सबसे सरल विधि यह है कि जिस टेक्स्ट को आप बदलना चाहते है, पहले उसे वह से हटा दीजिए फिर वह नया टेक्स्ट टाइप करके दाल दीजिए। 

दूसरी विधि में इन दोनों क्रियाओं को एक साथ किया जाता है। सबसे पहले बदले जाने वाले पाठ्य या टेक्स्ट को चुन लीजिए।  जिससे वह उल्टे रंग में दिखाई पड़ेगा। अब उसको हटाए बिना सीधे नया टेक्स्ट टाइप करना प्रारम्भ कर दीजिए। इस प्रकार नया टाइप किया हुआ चुने हुए भाग की जगह आ जाएगा। 

टेक्स्ट की नकल करना (Copying Text) :

दस्तावेज़ के किसी भाग या टेक्स्ट की नकल दूसरी जगह पर कही भी कर सकते है।  इस कार्य के लिए copy और paste आदेशों का प्रयोग किया जाता है। 

  • आप जिस टेक्स्ट की नकल करना चाहते है, उसे select कर लीजिए। 
  • इसकी नकल बनाने के लिए edit मेन्यू का copy बटन या स्टैण्डर्ड टूल बार में copy बटन को क्लिक कीजिए।  ऐसा करने से आपके द्वारा चुना गया टेक्स्ट क्लिप बोर्ड में copy कर ली जाएगी। 
  • जिस स्थान पर आप इसकी नकल करना चाहते है, वहां माउस पॉइंटर से क्लिक करके कर्सर ले जाइए।
  • कॉपी किये गए टेक्स्ट को कर्सर  से प्रारम्भ करके लगाने के लिए स्टैण्डर्ड टूल बार में paste बटन को क्लिक कीजिए।  ऐसा करने पर उस टेक्स्ट की copy हो जाएगी। 

कई जगह paste आदेश देकर आप वह टेक्स्ट कई जगह भी copy कर सकते है। यह ध्यान रखिए कि paste आदेश केवल आखिरी बार copy या cut किए गए टेक्स्ट पर ही लागू होता है। 

पूर्ववत् करना (Undo) :

यदि किसी कारणवश आप आपने कार्य को उलटाना चाहते है, तो या तो edit मेन्यू में undo आदेश दीजिए या स्टैण्डर्ड टूल बार में undo बटन जिस पर घड़ी उल्टी दिशा में जाता हुआ गोल तीर छपा रहता है, क्लिक कीजिए , ऐसा करने पर आपके द्वारा किया हुआ अंतिम कार्य उल्ट जायेगा अर्थात बेकार हो जाएगा और फाइल उससे ठीक पहले के रूप में आ जाएगी।   इससे भी पहले के कार्यो को उलटाना चाहते है, तो बार- बार undo आदेश देकर वैसा कर सकते है। 

रद्दोबदल करना (Redo) :

यदि आप undo आदेश द्वारा उल्टे किए गए कार्य को फिर से करना चाहते है तो Redo क्लिक करके ऐसा कर सकते है। यह आदेश या तो edit मेन्यू से या स्टैण्डर्ड टूल बार से दिए जाते है। स्टैण्डर्ड टूल बार में redo बटन पर undo बटन का ठीक उल्टा छपा रहता है। Redo आदेश देकर कई उल्टे हुए कार्यो को सीधा कर सकते है। 

नया पृष्ठ प्रारम्भ करना (Starting New Page) :

यूँ तो दस्तावेज़ में कोई पेज  भर जाने पर एमएस-वर्ड सवत: ही नया पेज  प्रारम्भ कर देता है।  लेकिन यदि आप कोई पेज भरने से पहले ही आगे की सामग्री को नए पृष्ठ पर ही लगाना चाहते है, तो आपको वहां एक पेज ब्रेक (Page Break) डालना होगा। यह कार्य कंट्रोल  एंटर कुंजी (Ctrl+Enter) दबाकर सरलता से किया जा सकता है।  इसके अतिरिक्त आप insert मेन्यू break आदेश से खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में page विकल्प को  चुनकर भी ऐसा  कर सकते है। आपके द्वारा डाला गया पेज ब्रेक हर सेटिंग में प्रभावी रहता है।  यदि किसी कारणवश आप उसे हटाना चाहते है, तो कर्सर को उस पेज के प्रारम्भ में लगाकर बैकस्पेस कुंजी दबाइए। इससे पेज ब्रेक लगाने वाला चिन्ह गायब हो जाएगा और इसके  साथ ही उस  पेज की सामग्री पिछले पेज पर चली जाएगी। 

पेज ब्रेक को हटाने की दूसरी विधि यह है कि पहले स्टैण्डर्ड टूल बार में Show/Hide बटन को क्लिक कीजिए। इससे सभी छपे हुए चिन्ह दिखाई देने लगता है। अब पेज ब्रेक को दिखाने वाली मोटी लाइन या page break शब्दों को चुनकर delete  दबाइए।  इससे पेज ब्रेक गायब हो जाएगा।  अंत में Show/Hide बटन को एक बार फिर क्लिक करके छापे चिन्हों को दूबारा फिर से छाप दीजिए।  यदि आप दस्तावेज़ में सुधार कर चुके है और उनको स्थायी बनाना,  तो save पर क्लिक कीजिए। इस प्रकार आपको फाइल open करने पर इसी प्रकार का दस्तावेज़ मिलेगा। 

व्यू (Views) :

एमएस-वर्ड में आपको दस्तावेज़ को स्क्रीन पर कई  दिखाया जा सकता है, जिससे आपको अपना कार्य देखने तथा तेजी से करने में सुविधा  होती है।  एमएस-वर्ड में निम्नलिखित व्यू उपलब्ध है-

  1. सामान्य व्यू (Normal View) :
  2. पेज लेआउट व्यू (Page Layout View) 
  3. आउटलाइन व्यू (Outline View)
  4. ऑनलाइन लेआउट व्यू (Online Layout View)

सामान्य व्यू (Normal View) में आपके द्वारा टाइप की गयी सामग्री, चित्र आदि ठीक उसी तरह दिखाई पड़ते है, जैसे कि आपने तैयार किए थे,लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि वे उसी तरह छापे भी जाए।  इस व्यू में कार्य सबसे अधिक तेजी से होता है, क्योंकि  इसमें दस्तावेज़ का अधिक से अधिक भाग दिखाई पड़ता है। 

पेज लेआउट व्यू (Page Layout View) में स्क्रीन कागज की तरह दिखाई पड़ती है , जैसा छापने पर दस्तावेज़ दिखाई देता है। इसमें सभी हाशिये, शीर्षक आदि दिखाई पड़ते है।  लेकिन यह मैमोरी में बहुत स्थान घेर लेता है। 

आउटलाइन व्यू (Outline View) में आप सारा दस्तावेज़  या केवल अध्यायों या सेक्शनों के नाम आदि देख सकते है। इसमें किसी पुस्तक  या दस्तावेज़ का ढांचा सरलता से बनाया  सकता है। 

ऑनलाइन लेआउट व्यू (Online Layout View) किसी दस्तावेज़ को देखने और पढ़ने के लिए सबसे अच्छा रहता है। इसमें दस्तावेज़ को एक स्थान से दूसरे स्थान से जाना बहुत सरल है। 

इन सभी व्यूज के विकल्प view मेन्यू में उपलब्ध है। वैसे इनके लिए स्क्रीन के निचले बाएँ कोने पर बटन भी बने होते है, जिन्हे क्लिक करके आप किसी व्यू में आ सकते है। यह ध्यान रखे कि स्क्रीन पर कोई भी व्यू हो , दस्तावेज़ की छपाई पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।  वह आपके सेटअप की सेटिंग के अनुसार ही छापा जाएगा। 

इन व्यू के अलावा एक  भी उपलब्ध होता है, जिसे Print Preview कहते है।  यह आदेश file मेन्यू में उपलब्ध है और स्टैण्डर्ड टूल बार में भी इसके लिए बटन दिया होता है, जिस पर एक आतिशी शीशा छपा होता है।  यह आदेश देकर आप आपने दस्तावेज़ के एक या अधिक पृष्ठो को एक साथ  और पूरा देख सकते है कि छपने पर वे कैसे लगेंगे।  कोई भी दस्तावेज़ छपने से पहले उसे Print Preview द्वारा देख लेना अच्छा रहता है। 

यदि आप अपने दस्तावेज़ में डाले गए खाली स्थानों (Spaces), टैब, पैराग्राफ चिन्ह आदि को देखना चाहते है, तो स्टैण्डर्ड टूल बार में show/hide बटन को क्लिक कीजिए।  इससे सभी छपे हुए चिन्ह दिखाई देने लगते है।  जिसमे खाली स्थानों( Space) को बिंदु (Dot) के रूप में दिखाया जाता है।

ज़ूमिंग (Zooming) :

स्टैण्डर्ड टूल बार  में दांए ओर ड्राप डाउन लिस्ट बॉक्स होता है। जिसे ज़ूमिंग बॉक्स कहते है। यह आपको अपना दस्तावेज़ स्क्रीन पर छोटा या बड़ा करके देखने की सुविधा देता है। इसमें दस्तावेज़ का आकार प्रतिशत में दिया जाता है।  इस बॉक्स में बने तीर के बटन को क्लिक करने पर ज़ूमिंग के विकल्प दिखाई देते है।  इनमे 200% का अर्थ है वास्तविक आकार का दुगुना , 100%  है वास्तविक आकार के समान तथा 50% का अर्थ है वास्तविक आकार का आधा।  इस तरह दूसरे विकल्पों के बारे में भी समझा जा सकता है। 

आप ये संख्याए या कोई भी संख्या सीधे टाइप कर सकते है या विकल्पों को चुन सकते है। अन्य विकल्पों में Page Width देने पर किसी पेज के बांए तथा दांए दोनों किनारे दिखाई पड़ते है। Whole Page देने पर एक पूरा दिखाया जाता है तथा Two Pages देने से साथ साथ के डी पेज दिखाए जाते है। 

दस्तावेज़ की ज़ूमिंग करने से उसकी छपे आकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, यह केवल स्क्रीन पर दिखाने की सुविधा के लिए है। 

दस्तावेज़ को छपवाना (Printing a Document) :

कोई भी दस्तावेज़ छपवाने के लिए पहले किसी प्रिंटर को डिफ़ॉल्ट प्रिंटर के रूप में स्थापित करना पड़ता है। यदि आपका डिफ़ॉल्ट प्रिंटर स्थापित हो चूका है और आप किसी खुले हुए दस्तावेज़ के सभी पृष्ठो की केवल एक एक प्रति छपवाना चाहते है,  तो स्टैण्डर्ड टूल बार में प्रिंट बटन को क्लिक कीजिए , ऐसा करना पर आपका दस्तावेज़ डिफ़ॉल्ट प्रिंटर पर छाप दिया जाएगा। 

प्रिंटिंग को रदद् करना (Aborting Printing) :

यदि किसी कारणवश आप दस्तावेज़ की प्रिंटिंग को बीच में ही रदद् करना चाहते है तो इसका सरल उपाय यह है कि प्रिंटर को तत्काल ऑफ कर दे। ऑफ करने से प्रिंटर रुक तो जाएगा, लेकिन उसकी बफर मैमोरी  सामग्री पहुंच गयी है, वह समाप्त नहीं होगी और प्रिंटर ऑन करने पर फिर से प्रिंटिंग होने लगेगी।  इसलिए प्रिंटर को ऑफ रहने दीजिए और तब तक प्रतीक्षा कीजिए जब तक आपके पीसी स्क्रीन  पर यह सुचना न आये की आपका प्रिंटर नहीं चल रहा है। 

इस सुचना के डायलॉग बॉक्स में आपको दो बटन दिए जाते है- Retry तथा Cancel यदि आप प्रिंट फिर से से प्रारम्भ करना चाहते है तो Retry बटन को क्लिक  करके प्रिंटर ऑन लाइन कर दीजिए और यदि प्रिंट वास्तव में ही रोक देना चाहते है, तो Cancel बटन को क्लिक कीजिए ऐसा करने पर प्रिंटर का बफर खाली जो जाएगा। 

Print Preview :

एमएस-वर्ड में Printer Preview  एक सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसी दस्तावेज़  से पहले ही स्क्रीन पर देखा जा सकता है कि छपने पर वह  किस तरह का लगेगा। प्रिंट से पहले इस प्रकार देख लेना हमेशा अच्छा रहता है, ताकि यदि दस्तवेज़ में हाशिए आदि ठीक न हो, तो पहले ही ठीक किए जा सके।  इस सुविधा में आप एक या अधिक पृष्ठ एक साथ भी देख सकते है, लेकिन यदि अधिक पृष्ठ देखना चाहते है तो केवल आभास ही मिल पाएगा, इसलिए एक बार में एक  पृष्ठ देखना  अच्छा  है। 

इस सुविधा के लिए स्टैण्डर्ड टूल बार के Print Preview बटन को क्लिक कीजिए अथवा फाइल के मेन्यू में Print Preview आदेश दीजिए , ऐसा करते करते ही खुले हुए दस्तावेज़ वर्तमान पेज (पृष्ठ) आपकी स्क्रीन पर छोटे रूप में दिखाई देगा। इसमें एक पृष्ठ अपने वास्तविक आकार का 30% अर्थात लगभग एक तिहाई आकार में दिखाई देता है। यदि आप एक से अधिक पृष्ठ एक साथ देखेंगे तो और अधिक छोटे दिखाई देंगे। 

दस्तावेज़  तथा टेक्स्ट को फ़ॉर्मेट करना 

एमएस-वर्ड में आप अपने दस्तावेज़ को कई प्रकार से फ़ॉर्मेट करके उसकी सुंदरता बढ़ा सकते है. इसमें आप चिन्हों, शब्दों, पंक्तिया तथा पैराग्राफ को किसी भी तरह से सुधार कर छाप सकते है।  लाइन तथा पैराग्राफ के बीच का खाली स्थान अधिक या कम कर सकते है तथा और भी बहुत से कार्य कर सकते है। आप किसी दस्तावेज़ की स्टाइल को नोट करके उसी स्टाइल को दूसरे दस्तावेज़ों पर लागू कर सकते है। दस्तावेज़ तथा टेक्स्ट को फ़ॉर्मेट करने में अधिकतर फॉर्मेटिंग टूल बार तथा फ़ॉर्मेट मेन्यू के विभिन्न विकल्पों का प्रयोग किया जाता है। 

ऑटोफॉर्मेट (Auto Format) :

एमएस-वर्ड की ऑटोफॉर्मॅट सुविधा का उपयोग करके आप एमएस-वर्ड से ही अपने दस्तावेज़ की जाँच करके उसको फ़ॉर्मेट कर देता है. इसमें यह भी व्यवस्था है कि ऑटोफॉर्मॅट अपने द्वारा किये गये सुधारों को एक-एक करके आपके सामने रखता है और आपसे पूछता है कि वे सुधर आपको स्वीकार है या नहीं।  आप उनमे से कुछ या सभी को स्वीकार कर सकते है और संतुष्ट न हों पर पूरी तरह रदद् भी कर सकते है।  इस सुविधा में आप शीर्षकों का फ़ॉर्मेट बदल सकते है तथा अन्य कई कार्य कर सकते है। 

ऑटोफॉर्मॅट सुविधा का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित क्रियाएँ कीजिए –

  • अपना बिना फ़ॉर्मेट किया हुआ दस्तावेज़ खोल लीजिए। 
  • Format मेन्यू में Auto Format विकल्प को क्लिक कीजिए। इससे आपकी स्क्रीन पर ऑटोफॉर्मॅट का पहला डायलॉग बॉक्स दिखाई पड़ेगा। 
  • इस डायलॉग बॉक्स में दो रेडियो बटन या विकल्प है। पहले विकल्प Auto Format now को चुनने पर दस्तावेज़ एमएस-वर्ड द्वारा सीधे फ़ॉर्मेट कर दिया जाएगा।  दूसरे विकल्प Auto Format and review each change को सेट करने पर फ़ॉर्मेट करने के बाद उसे स्वीकार करने या बदलने का भी अवसर दिया जाता है। एमएस-वर्ड की सहायता के लिए आप अपने डॉक्यूमेंट का टाइप भी बता सकते है, जिसके लिए इस डायलॉग बॉक्स में नीचे की ओर एक ड्राप डाउन लिस्ट बॉक्स दिया गया है। 
  • सभी आवश्यक सेटिंग करने के बाद Ok बटन को क्लिक कीजिए, इससे ऑटोफॉर्मॅट प्रारम्भ हो जाएगा और शीघ्र ही आपका दस्तावेज़ नए फॉर्मेट में दिखाई देने लगेगा।  यदि आपने पहला विकल्प चुना है, तो प्रोराम वही समाप्त हो जाएगा और यदि दूसरा विकल्प चुना है तो ऑटोफॉर्मॅट का दूसरा बॉक्स दिया जाएगा। 
  • यदि आप सभी परिवर्तनों को स्वीकार करना चाहते है तो इस डायलॉग बॉक्स में Accept All बटन को क्लिक कीजिए, यदि सभी परिवर्तनों को रदद् करना चाहते है तो Reject All बटन को क्लिक कीजिए।  यदि आप परिवर्तनों को एक एक करके देखना और उन्हें स्वीकार या अस्वीकार करना चाहते है तो Review Changes बटन को क्लिक कीजिए। 

अगर आप इस प्रकार तैयार हुए दस्तावेज़ से किसी कारणवश संतुष्ट नहीं है तो आगे बताए गए तकनीकों से आपना मन चाहा बदलाव आप स्वंय कर सकते है। 

यदि आप एमएस-वर्ड की ऑटोफॉर्मॅट की स्टाइल में कोई परिवर्तन करना चाहते है तो ऑटोफॉर्मॅट के  पहले डायलॉग बॉक्स में Options बटन को क्लिक कीजिए। इस डायलॉग बॉक्स में कई चेक बॉक्स दिए जाते है, जो ऑटोफॉर्मॅट के विभिन्न  विकल्पों को सेट या रेस्ट करते है। आप इनमे से जिन विकल्पों को लागू करना चाहते है, उन्हें सेट रहने दीजिए और जिनको लागू नहीं करना चाहते उन्हें क्लिक करके रिसेट कर दीजिए, उचित सेटिंग करने के बाद OK बटन को क्लिक कर दीजिए, जिससे आपके द्वारा की गयी सेटिंग लागू  हो जाएगी और आप डायलॉग बॉक्स से बाहर आ जाएगी। 

फॉर्मेटिंग टूल बार (Formatting Toolbar) :

फॉर्मेटिंग टूल बार का उपयोग करके आप किसी  भी चुने हुए टेक्स्ट को बहुत आसानी से अनेक प्रकार से फॉर्मेट कर सकते है। एमएस-वर्ड का फॉर्मेटिंग टूल बार दिखाया जाता  है। प्रत्येक टूल बार की तरह इसमें भी कई बटन होते है। कौन सा बटन किस कार्य के लिए है यह जानने के लिए माउस पॉइंटर को उस बटन पर लाइए और एक सेकंड रुकिए, ऐसा करने पर उस बटन का नाम उभर आएगा।  फॉर्मेटिंग टूल बार के विभिन्न बटन दिखाए गए है और उनके नाम या उपयोग की ओर संकेत किया गया है। 

फॉर्मेटिंग टूल बार के बटनों से किसी टेक्स्ट को फॉर्मेट करना बहुत सरल है।  सबसे पहले उस टेक्स्ट  को सेलेक्ट कर लीजिए , फिर संबन्धित बटन को क्लिक कीजिए , उदाहरण के लिए, यदि आप किसी शीर्षक को बोल्ड अर्थात गहरा करना चाहते है, तो उस शीर्षक को चुनकर Bold बटन को क्लिक कीजिए। इससे शीर्षक गहरा हो जाएगा।  इसी प्रकार Italic और Underline बटनों से किसी टेक्स्ट को आप क्रमश: तिरछा और रेखांकित कर सकते है। 

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है की कुछ बटनों का प्रभाव उन्हें दोबारा क्लिक करने पर समाप्त हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप कोई शीर्षक चुनकर उसी  क्लिक करने पर शीर्षक फिर से सामान्य हो जाएगा अर्थात उसका गहरापन गायब हो जाएगा। इस प्रकार आप दूसरे बटनों के बारे में भी समझ सकते है।  ऐसे बटनों को टॉगिल बटन (Toggle Buttons) कहा जाता है। ऐसे पाँच बटन मुख्य होते है – बोल्ड (Bold), तिरछा (Italic), रेखांकन (Underline), बुलेट लिस्ट (Bullet List) और नम्बर लिस्ट (Numbered List) . 

विशेष प्रभाव वाले एक से अधिक बटनों को किसी टेक्स्ट पर एक साथ लागू केके उन सबका सम्मिलित प्रभाव भी उत्पन्न किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी टेक्स्ट को चुनकर पहले उसे गहरा करते है, फिर तिरछा बटन भी क्लिक करते है, तो वह टेक्स्ट गहरा होने के साथ साथ तिरछा भी जो जाएगा।  इस प्रकार आप विभन्न बटनों का समूह में प्रयोग करके अनेक प्रकार के प्रभाव उत्पन्न कर सकते है। 

टेक्स्ट का फॉण्ट तथा आकार बदलना (Changing Font and Size of a Text) :

आप किसी चुने हुए टेक्स्ट का फॉण्ट (रूप) तथा आकार भी बटन सकते है। इसके लिए सबसे पहले उस टेक्स्ट को चुन लीजिए, फॉण्ट बदलने के लिए फॉर्मेटिंग टूल बार में फॉण्ट की ड्राप-डाउन लिस्ट बॉक्स के तीर के बटन को क्लिक कीजिए, जिससे फॉण्ट की लिस्ट खुल जाएगी।  आप इससे से कोई भी फॉण्ट क्लिक करके चुन लीजिए, इस लिस्ट में हाल ही में चुने गए फॉण्ट सबसे ऊपर दिखाए जाते है।  वैसे आप इस लिस्ट बॉक्स में फॉण्ट का नाम सीधे भी टाइप कर सकते है। 

इसी तरह किसी टेक्स्ट के अक्षरों का आकार बल्ने के लिए फॉर्मेटिंग टूल बार में आकर (Size) की ड्राप-डाउन लिस्ट बॉक्स में या तो आकार बताने वाली संख्या सीधे टाइप कीजिए या उस लिस्ट को खोलकर उससे से आकार चुन लीजिए। इस लिस्ट में केवल प्रमुख आकार ही दिखाए जाते है।  वैसे आप इससे कोई भी आकार जो आपके कागज़ पर छापा जा सकता हो, इससे सेट कर सकते है। 

फॉण्ट तथा बैकग्राउंड का रंग बदलना (Changing Font and Background Colour) : 

आप किस चुने हुए टेक्स्ट तथा उसके बैकग्राउंड का रंग भी बदल सकते है. इससे टेक्स्ट अधिक सुंदर लगता है।  किसी चुने हुए टेक्स्ट को दूसरे रंगो (पीला, गुलाबी, लाल, हरा आदि) में उभरने अर्थात उसके बैकग्राउंड का रंग बदलने के लिए फॉर्मेटिंग टूल बार में हाईलाइट बटन प्रयोग किया जाता है। रंग चुनने के लिए इस बटन के तीर को क्लिक कीजिए, जिससे रंगों लो पट्टी खुल जाएगी। इस पट्टी में से कोई भी रंग क्लिक करके चुन लीजिए , इससे चुना हुआ टेक्स्ट उसी तरह में उभर आएगा और वह रंग हाईलाइट बटन के ऊपर भी दिखाई देगा। 

अगली बार यदि आप किसी टेक्स्ट को उसी रंग में उभारना चाहते है, तो टेक्स्ट को चुनकर केवल उस बटन को क्लिक करना काफी है, रंगों की पट्टी खोलने की आवश्यकता नहीं है। हाईलाइट का प्रभाव समाप्त करने के लिए रंगों  की पट्टी को फिर से खोलकर उसमे से None विकल्प को चुनिए। 

इसी प्रकार किसी टेक्स्ट का रंग बदलने के लिए उस टेक्स्ट  फॉर्मेटिंग टूल बार में फॉण्ट कलर (Font Colour =० बटन के तीर को क्लिक कीजिए, जिससे रंगों की पट्टी खुल जाएगी।  इस पट्टी से कोई भी रंग क्लिक करके चुन लीजिए, इससे चुना हुआ टेक्स्ट उसी रंग में आ जाएगा और वह रंग फॉण्ट कलर बटन के ऊपर भी दिखाई देगा। 

अगल बार यदि आप किसी टेक्स्ट को उसी रंग में लगाना चाहते है तो टेक्स्ट को चुनकर केवल उस बटन को क्लिक कर दीजिए, रंगों की पट्टी खोलने की आवश्यकता नहीं है। टेक्स्ट को फिर से काले रंग में लेन के लिए रंगों की पट्टी को फिर से खोलकर उसमे से Automatic विकल्प को चुनिए। 

आप ऊपर बताई गयी सभी स्टाइलों और सुविधाओं कला विभिन्न  संयोगों  (Combinations) में प्रयोग करके सैंकड़ो प्रकार के प्रभाव उत्पन्न कर सकते है।  किस चुने हुए टेक्स्ट पर उस समय जो फॉण्ट, आकार, स्टाइल, विशेष प्रभाव आदि लागु हो रहे होते है, वे टेक्स्ट चुनते ही फॉर्मेटिंग टूल बार में दिखाए जाते है तथा टॉगिल (Toggle) बटन, जैसे बोल्ड, तिरछा आदि, यदि लागू हो रहे हो, तो दबे हुए दिखाई पड़ते है, नहीं तो सामान्य दिखाई पड़ते है। 

ऑटोफॉर्मॅट का प्रभाव यदि कोई  हो, तो उसे समाप्त कर दीजिए और फिर टेक्स्ट को फॉर्मेट  करने की निम्नलिखित क्रियाएँ कीजिए। 

फॉण्ट का डायलॉग बॉक्स (Font Dialog Box) :

आप किस टेक्स्ट को फॉर्मेट करने  ऊपर बताए गए सभी कार्य एक साथ भी सेटिंग करके कर सकते है।  इसके लिए Format मेन्यू का उपयोग किया जाता है।  टेक्स्ट के फॉण्ट से संबन्धित सेटिंग  करने के लिए पहले उस टेक्स्ट को चुन लीजिए, फिर Format मेन्यू में Font बटन को क्लिक कीजिए। ऐसा करते ही आपकी स्क्रीन पर फॉर्मेट का डायलॉग बॉक्स ओपन हो जाएगा। 

इस डायलॉग बॉक्स में टेक्स्ट के लिए फॉण्ट, आकार, स्टाइल, विशेष प्रभाव आदि चुनने की अनेक सुविधाएँ  उपलब्ध है।  इनमे कई सुविधाएँ तो ऐसी भी है, जो फॉर्मेटिंग टूल बार में भी उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं आपके द्वारा चुने गए फॉण्ट तथा अन्य विकल्पों क आपके टेक्स्ट पर क्या पभाव पड़ेगा, इसका नमूना भी इस दलोग बॉक्स के नीचे के खाली भाग में दिखाया जाता है।  इसलिए इस डायलॉग बॉक्स में आप स्वतंत्रता से सभी तरह की सेटिंग कर सकते है। 

इस डायलॉग बॉक्स में तीन टैब शीट है, जिनमे से एक Font टैबशीट दिखाई गयी है। इस टैबशीट में फॉण्ट, फॉण्ट स्टाइल, आकार, रेखांकित तथा रंग चुनने के लिए अलग-अलग लिस्ट बॉक्स है, जिनमे आप अपनी पसंद से कोई भी विकल्प चुन सकते है। विशेष प्रभावों  कुछ चेक बॉक्स भी दिए गए है। आपके द्वारा चुने गए अथवा पहले से ही सेट हो चुके विकल्पों का सम्मिलित प्रभाव नीचे के Preview भाग में एक टेक्स्ट पर दिखया जाता है। 

फॉण्ट डायलॉग बॉक्स की शेष दो टैब शीटें Character Spacing तथा Text Effects अधिक महत्वपूर्ण नहीं है।  इनका प्रयोग कुछ अन्य विशेष प्रभाव उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। 

किसी टेक्स्ट को सुपरस्क्रिप्ट (Superscript), जैसे X2 में 2 तथा सबस्क्रिप्ट, जैसे H2 O में 2 बनाने के लिए क्रमश: Superscript तथा Superscript के चेक बॉक्सों को सेट कर देना चाहिए अथवा Character Spacing की टैब शीट में क्रमश: Raised तथा Lowered को चुनना चाहिए। 

सभी प्रकार की सेंटिंग करने  इस डायलॉग बॉक्स से बाहर आने के लिए Ok बटन को क्लिक कीजिए। इससे आपके द्वारा चुने गए सभी विकल्प चुने हुए टेक्स्ट पर लागू हो जाएंगे।  यदि आप सेटिंग रदद् करके फॉण्ट डायलॉग बॉक्स से बाहर आना चाहते है, तो Cancel बटन को क्लिक कीजिए। 

दस्तावेज़ की डिजायन बनाना (Designing the Document) :

कोई भी दस्तावेज़ तैयार करना प्रारम्भ करने से पहले उसकी डिज़ायन बना लेना हमेशा अच्छा रहता है ।एमएस-वर्ड में किसी दस्तावेज़  डिज़ायन तय करने  आपको कुछ सूचनाऍ देनी पड़ती है, जैसे कागज का आकार, विभिन्न हाशिए (Margins), कागज़ का स्रोत, दस्तावेज़ का खाका (Layout) आदि। इन सूचनाओं को भरने  File मेन्यू का Page Setup क्लिक कीजिए या रूलर लाइन  को डबल क्लिक कीजिए, जिससे आपको पेज सेटअप का डायलॉग बॉक्स दिया जाएगा। 

इस डायलॉग बॉक्स में कई टैब शीट (Tab Sheets) है , जिनमे से दो- Margins तथा Paper Source- अधिक महत्वपूर्ण है। Paper-Size ड्राप- डाउन बॉक्स को खोलकर उसमे से कागज़ का उचित आकार चुन सकते है। साथ में Orientation भाग में Portrait और Landscape में से किसी विकल्प बटन को क्लिक करके सेट कर सकते है। 

इस प्रकार Margins टैब शीट  विभिन्न हाशियों को सेट करते है।  किसी पेज पर आप जितना अधिक हाशिया छोड़ेगे,  टेक्स्ट सामग्री को लगाने के लिए उतना ही कम स्थान बचेगा।  इसलिए हाशिये सीमित मात्रा में ही सेट करने चाहिए, आवश्यक होने पर आप हाशिये कम या अधिक कर सकते है। 

Paper Source टैब शीट में यह बताया गया है कि दस्तावेज़ को प्रिंट करते समय कागज़ अलग-अलग टुकड़ो में कटा (Cut Sheet) हो या लगातार (Continous) स्टेशनरी के  रूप में हो। इसी तरह Layout की टैब शीट में दस्तावेज़ का लेआउट तय किया जाता है। 

पेज सेट अप के डायलॉग बॉक्स में आप अपनी इच्छानुसार सभी आवश्यक सेटिंग करके OK बटन को क्लिक कर दीजिए।  इससे आपके द्वारा की गयी सेटिंग के अनुसार एमएस-वर्ड द्वारा स्क्रीन पर दिखाई पड़ने वाला लेआउट सुधार लिया जाएगा। साथ ही डायलॉग बॉक्स भी बंद हो जाएगा। 

पैराग्राफ फॉर्मेट करना (Formatting Paragraphs) :

सामान्यतया  कोई पैराग्राफ कई वाक्यों (Sentences) का समूह होता है। लेकिन एमएस-वर्ड में पैराग्राफ एक वाक्य, एक शब्द, एक चिन्ह या खाली लाइन का भी हो सकता है, यदि उसके अन्त में पैराग्राफ चिन्ह आता है। टेक्स्ट टाइप करते समय एंटर (Enter) कुंजी दबाने से यह चिन्ह आ जाता है और एक पैराग्राफ समाप्त होकर नया पैराग्राफ प्रारम्भ हो जाता है।  सामान्यतया पैराग्राफ चिन्ह दिखाई नहीं पड़ता, परन्तु यदि  आप इसे देखना चाहते है तो स्टैण्डर्ड टूल बार में show/hide बटन को क्लिक कर दीजिए। 

कोई नया पैराग्राफ बनाना बहुत सरल है। इसके लिए आपको केवल एंटर कुंजी दबानी होगी। इसी तरीके से अर्थात दो वाक्यों के बीच में एंटर कुंजी दबाकर आप किसी पैराग्राफ को तोड़कर दो पैराग्राफ भी बना सकते है तथा लगातार दो बार एंटर दबाकर खाली लाइन का पैराग्राफ भी बना सकते है। 

यदि आप दो पैराग्राफ को मिलाकर एक करना चाहते है, तो पहले पैराग्राफ के अन्त में आये पैराग्राफ चिन्ह को हटा अर्थात Delete कर दीजिए। इससे दोनों पैराग्राफ बन जाएगा। इसी प्रकार आप खाली लाइन्स को भी हटा सकते है। 

किसी पैराग्राफ को हटाने के लिए थोड़ी सावधानी आवश्यक है. यदि आप पैराग्राफ की समाग्री को चुनकर delete बटन दबाएंगे या Cut या Delete आदेश देंगे तो वह सामग्री तो गायब हो जाएगी, लेकिन पैराग्राफ चिन्ह बना रहेगा और इसलिए खाली लाइन भी बनी रहेगी अत: या तो इस चिन्ह को भी हटा दीजिए अथवा पैराग्राफ पूरा चुनिए, पूरा पैराग्राफ चुनने के लिए माउस पॉइंटर उस पैराग्राफ में कहीं भी लाकर लगातार तीन बार क्लिक कीजिए या पैराग्राफ के बांए हाशिये माउस पॉइंटर डबल- क्लिक कीजिए। ऐसा करके Delete या Cut आदेश देने पर पुरे पैराग्राफ के साथ ही पैराग्राफ चिन्ह भी गायब हो जाएगा।

पैराग्राफ पंक्ति में लगाना (Aligning Paragraphs) :

आपके दस्तावेज़ की सुंदरता और उपयोगिता बढ़ाने के लिए कई बार यह आवश्यक होता है कि किसी पैराग्राफ की सभी लाइनो बांये हाशिये से सटाकर या लाइन के बीचों बिच या दायें हाशिए से सटाकर सेट की जाये।  यह कार्य फॉर्मेटिंग टूल बार के एलाइनमेंट (Alignment) बटनों का प्रयोग करके बहुत सरलता से किया जा सकता है. फॉर्मेटिंग टूल बार में इस कार्य के लिए 4 बटन उपलब्ध है- बायीँ ओर लगाना (Left Alignment) , बीच में लगाना (Center Alignment) , दायीं ओर लगाना (Right Alignment) तथा दोनों ओर लगाना (Justify). 

इन बटनों का प्रयोग टूल बार के दूसरे बटनों की तरह ही सरलता से किया जा सकता है।  जिस पैराग्राफ को आप व्यवस्थित  करना चाहते है, उसमे कर्सर ले जाइए, अब अपनी आवश्यकता के अनुसार ऊपर बताए गए चार बटनों  में से किसी को क्लिक कीजिए।  आप देंखेंगे कि उस पैराग्राफ की सभी पंक्तियाँ आपके द्वारा क्लिक किए गए बटन के अनुसार सेट हो गई है। बारी बारी से सभ्बटनो को क्लिक करके आप उसका प्रभाव देख सकते है।  एक साथ कई पैराग्राफ या उनके भागों को चुनकर आप यह कार्य उन सब पर एक साथ भी कर सकते है। 

इंडेंट सेट करना (Setting Idents) :

दस्तावेज़ मेंसभी पैराग्राफ़ोँ के लिए बायें-दायें के हाशिये पेज सेटअप डायलॉग बॉक्स द्वारा सेट किये जाते है। परन्तु कभी- कभी किसी पैराग्राफ की सभी पंक्तिया को दूसरे पैराग्राफ की अपेक्षा थोड़ा और दायीं ओर हटाकर सेट करने (Identing) की आवश्यकता होती है।  यह कार्य भी फॉर्मेटिंग टूल बार के बटनों द्वारा सरलता से किया जा सकता है। इस टूल बार में इसके लिए दो बटन होते है- Increase Indent तथा Decrease Indent , जिनका प्रयोग हाशिए को क्रमश: एक टैब स्टॉप के बराबर अधिक तथा काम करने के लिए किया जाता है।  कोई पैराग्राफ चुनकर इन बटनों को बारी बारी से एक या दो बार क्लिक करके इनका प्रभाव देखिए। 

पैराग्राफ को थोड़ा हटाकर सेट करने का कार्य रूलर लाइन की सहायता से भी किया जा सकता है। एमएस-वर्ड विंडो में क्षैतिज रूलर लाइन को ध्यान से देखिए। इस के बाए किनारे पर दो छोटे त्रिकोण (Triangle) ऊपर- नीचे बने हुए है, उनके निचे एक छोटा या आयत बना हुआ है और दायें किनारे पर भी एक त्रिकोण बना हुआ है। इन्हे मार्कर कहा जाता है। 

इनमे से फ्सर्ट लाइन इंडेंट मार्कर का प्रयोग किसी पैराग्राफ की पहली लाइन को दायीं या बायीँ ओर हटाकर सेट करने के लिए किया जाता है।  इसी प्रकार हेंगिंग इंडेंट मार्कर का प्रयोग पैराग्राफ की शेष पंक्तियों को दायीं या बायीँ ओर हटाकर सेट करने में किया जाता है। कोई पैराग्राफ चुनकर आप इन मार्करों को माउस पॉइंटर से पकड़कर इधर-उधर खींच ले जाइए और इसका प्रभाव देखिए। 

लेफ्ट इंडेंट तथा राइट इंडेंट मार्करों  पूरे पैराग्राफ को अलग हाशिया देने में अर्थात किसी पैराग्राफ को अन्य पैराग्राफ से कम या अधिक हाशिया देने में किया जाता है। आप इन्हे माउस पॉइंटर से पकड़कर दायें या बायें सरका सकते है और पैराग्राफ को उचित स्थान पर ले जाकर सेट कर सकते है। जब आप लेफ्ट इंडेंट मार्कर को सरकाते है, तो फ्सर्ट लाइन इंडेंट और हैंगिंग इंडेंट मार्कर भी उसके साथ ही सरकते है।

लाइन स्पेसिंग (Line Spacing) :

एमएस-वर्ड में आप किसी पैराग्राफ की लाइनों की दूरी अर्थात उनके बीच का स्थान (Line Spacing) भी कम या अधिक कर सकते है।  लाइन स्पेसिंग तीन प्रकार  सकती है-एकल (Single) ,डेढ़ (One and Half) , तथा डबल (Double) . सामान्यतया पेरग्राफों में एकल स्पेसिंग की जाती है, जो डिफ़ॉल्ट मान होता है। 

लाइन स्पेसिंग बदलने के लिए या तो कर्सर को उस पैराग्राफ  में ले जाइए या ऊपर बतायी गया है। 

पैराग्राफ स्पेसिंग (Paragraph Spacing):

एमएस-वर्ड में आप दो पैराग्राफ़ोँ  के बीच का स्थान (Paragraph Spacing) भी कम या अधिक कर सकते है।  पैराग्राफ स्पेसिंग करने के लिए हमे यह बताना होता है कि किसी पैराग्राफ से पहले और उसके बाद कितना स्थान खाली छोड़ा जाएगा। इस कार्य के लिए किसी टूल बार में कोई बटन उपलब्ध नही  है। इसलिए यह कार्य पेरग्राफ़ डायलॉग बॉक्स के द्वारा किया जाता है, जिसके बारे में आगे बताया गया है। 

पैराग्राफ का डायलॉग बॉक्स (Paragraph Dialog Box) :

पैराग्राफ के संबन्ध में ऊपर बतायी गयी सभी सेटिंग  आप पैराग्राफ डायलॉग बॉक्स के द्वारा एक साथ भी कर सकते है।  यह डायलॉग बॉक्स खोलने के लिए Format मेन्यू में Paragraph विकल्प को चुनिए, ऐसा करते ही आपकी स्क्रीन पर पैराग्राफ डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा। 

इस डायलॉग बॉक्स में दो टैब शीट है, जिनमे से पहली, जो अधिक महत्वपूर्ण और उपयोगी है। इस टैबशीट में एलाइनमेंट लिस्ट बॉक्स में एलाइनमेंट (Alignment) लिस्ट बॉक्स में पैराग्राफ को एलाइन करने का विकल्प चुना जाता है। 

Indentation वाले भाग में  पैराग्राफ के बायीं ओर तथा दायीं ओर कुछ स्थान छोड़ने के लिए क्रमश: Left तथा Right के स्पिन बॉक्सों में सेटिंग है।  इसी भाग में Special लिस्ट बॉक्स में से First Line को चुनकर और उसके साथ के स्पिन बॉक्स में हाशिया सेट करके आप पहली पंक्ति के लिए विशेष इंडेंट सेट कर सकते है अथवा इसी लिस्ट में से हैंगिंग विकल्प को चुनकर और उसके साथ के स्पिन बॉक्स में हाशिया सेट करके आप शेष पंक्तियों के लिए  इंडेंट सेट कर सकते है। 

Spacing वाले भाग में पैराग्राफ से पहले तथा बाद में कुछ खाली स्थान छोड़ने के लिए क्रमश: Before तथा After के स्पिन बॉक्सों में सेटिंग की जाती है। इसी भाग में Line Spacing लिस्ट बॉक्स में से उचित विकल्प चुनकर आप लाइन स्पेसिंग भी सेट कर सकते है। 

इस दलोग बॉक्स में Preview नाम वाले आयताकार स्थान में आप सेटिंग का प्रभाव तत्काल देख सकते है।  संतुष्ट होने पर OK बटन को क्लिक कीजिए।  जिससे आपके द्वारा की गयी सेटिंग चुने हुए पैराग्राफ या पैराग्राफ़ोँ पर लागू हो जाएगी और यह डायलॉग बॉक्स बंद हो जाएगा। 

MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen? का निष्कर्ष

हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह आर्टिकल MS-Word Kya Hai? और MS-Word Kaise Sikhen? जरूर पसंद आया होगा। हमारी हमेशा यही कोशिश होती है की आपको हर विषय पर सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करवाए। हमारे इस आर्टिकल के जरिये आपको MS-Word संबंधित पूर्ण जानकारी मिल गई होगी । अगर अभी भी MS-Word को लेकर अगर आपके मन में कोई प्रश्न हो तो आप हमे कमैंट्स के जरिये बता सकते है हम आपके हर प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश करेंगे ।
source: MS-Word
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